जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

गीतों ने बांधा समा

संस्कारधानी का नाम रोशन करने वाली इशिता विश्वकर्मा को सुनने पहुंचे शहरवासी

जबलपुर दर्पण। ईश्वर सत्य है, सत्य ही शिव है, शिव ही सुन्दर है, जागो उठकर देखो, जीवन ज्योत उजागर है, सत्यम शिवम सुंदरम, सत्यम शिवम सुंदरम, तू जहाँ जहाँ चलेगा, मेरा साया साथ होगा, नाम गुम जाएगा, चेहरा ये बदल जाएगा, मेरी आवाज़ ही पहचान है, गर याद रहे, नैना बरसे रहे, आज कल पांव जमीन पर, आपकी नजरों ने समझा, सुनो सजना पपीहे ने कहा सब से पुकार के, संभल जाओ चमन वालों के आए दिन बहार के, ऐ मेरे वतन के लोगों ऐसे मंत्रमुग्ध कर देने वालों गीतों से सारेगामापा की विनर, इंडिया गॉट टेलेन्ट की फस्ट रनअप व छोटी लता के नाम से पहचाने व जाने जाने वाली स्वर कोकिला इशिता विश्वकर्मा ने मानस भवन में आयोजित लता मंगेशकर की याद में स्वरांजली कार्यक्रम में समा बांध दिया।
इस दौरान सबसे पहले इशिता विश्वकर्मा ने मंच से अपनी संस्कारधानीवासियों को सादर प्राणाम किया और कहा कि आज जो कुछ भी हूं आप सभी की आशीर्वाद व दुआओं से हूं और इन्हीं बदौलत आज आप सभी के सामने हूं। जानकारी में हो कि अब इशिता विश्वकर्मा मुम्बई में ही रहकर विभिन्न कलाकारों के साथ अपने मंत्रमुग्ध कर देने वाली सुरीली आवाज से आवाज देकर जबलपुर का नाम गौरान्वित कर रही हैं, इस दौरान इशिता विश्वकर्मा ने बताया कि जल्द वह सभी के प्यार से बड़े पर्दों में भी नजर आएंगी।

आर्टिस्ट आर्गनाईजेशन के बैनर तले हुआ कार्यक्रम
गौरतलब है कि संस्कारधानी आर्टिस्ट आर्गनाईजेशन के बैनर तले लता मंगेशकर को याद करने के लिए मानस भवन में स्वरांजली कार्यक्रम आयोजि किया गया, ताकि उनकी याद में उनके ही गाए हुए गीतों से उन्हें स्वरांजली दी जा सके। कार्यक्रम के दौरान शहर के विभिन्न जनप्रतिनिधिगण, समाजसेवी, अधिकारी-कर्मचारी, समाजसेवी व नागरिकगण मौजूद रहे। इस दौरान मानस भवन में कलाकारों की प्रस्तुतियों को सुनने के लिए पूरा खचाखच भरा रहा। इस दौरान संस्कारधानी आर्टिस्ट आर्गनाईजेशन के बबलू मैथ्यूज, रवि शर्मा गुड्डा भैया, राज वर्मा, जय प्रकाश गूजर, दिलीप कोरी, निमेष श्रीवास्तव, गणेश स्वरूप बिरहा, राकेश गुप्ता, तिलक कश्यप, नवनीत श्रीवास्तव, मकरंद वरनेडकर, पप्पू सहयोगी, अमित परनामी आदि मौजूद रहे।

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