जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

रोजगारोन्मुखी कार्यशाला एवं प्रशिक्षण का हुआ समापन

जबलपुर दर्पण। मिलिट्स (चमत्कारिक अनाज) के पोशक तत्वों की उपयोगिता भारत में ही नही, अपितु विश्वस्तर में इसकी लोकप्रियता बढ़ रही है“
डॉ. संजय नागरकर, हॉगकॉग
शासकीय महाकोशल महाविद्यालय, जबलपुर में स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन योजना द्वारा आयोजित एवं विश्व बैंक परियोजना (रुसा) द्वारा प्रायोजित श्री अन्न महोत्सव (मिलेट) 2023 के अंतर्गत ”मोटे अनाज के उत्पादन एवं व्यवसाय“ पर 05 दिवसीय रोजगारोन्मुखी कार्यशाला एवं प्रशिक्षण के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. संजय नागरकर, हॉगकॉग ने कहा कि मिलिट्स (चमत्कारिक अनाज) के पोषक तत्वों की उपयोगिता भारत में ही नही अपितु विश्वस्तर पर इसकी लोकप्रियता बढ़ रही है। जनसाधरण अपने भोजन में मिलिट्स को शामिल कर रहे है। विशिष्ट अतिथि डॉ. कपिल देव मिश्र, कुलपति, रानी दुर्गावर्ती विश्वविद्यालय, जबलपुर ने कहा कि कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों को मिलेटस के व्यंजनों एवं उनकी पोषक तत्वों से परिचित कराया गया। विषिश्ट अतिथि डॉ. सुशील दुबे, ओएसडी, भोपाल ने कहा कि मोटे अनाज का उपयोग युवाओं के स्वास्थ्य के लाभकारी है।
डॉ. लीला भलावी, अतिरिक्त संचालक, जबलपुर संभाग, जबलपुर ने कहा कि यह मध्यप्रदेश का पहला महाविद्यालय है जहॉं सर्वप्रथम मिलिट्स पर पॉच दिवसीय कार्यशाला एवं प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।
महाविद्यालय प्राचार्य डॉ.ए.सी. तिवारी द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया।
प्रो. अरुण शुक्ल, संभागीय समन्वयक, स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्षन योजना, जबलपुर संभाग ने कहा कि पॉंच दिवसीय कार्यशाला एवं प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को मिलेटस की उपयोगिता एवं पोषक तत्वों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। विषय विषेशज्ञ श्री शशि वाणी द्वारा मोटे अनाज के व्यंजन बनाना विद्यार्थियों को सिखाया गया एवं मिलिट्स के उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहें।

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