दर्ज संख्या के आधार पर नहीं कक्षा के आधार पर हों शिक्षक आखिर पाँच कक्षाओं के लिए पाँच शिक्षक क्यों नहीं ?

जबलपुर दर्पण। मध्य प्रदेश जागरूक अधिकारी कर्मचारी संगठन के जिलाध्यक्ष राॅबर्ट मार्टिन ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि शासकीय प्राथमिक शालाओं में दर्ज संख्या के आधार पर शिक्षक की पदस्थापना स्कूलों में की जाती है जो कि अनुचित है क्योंकि शिक्षकों को पाँचों कक्षाओं में सभी विषय को पढ़ाना होता है और दूसरे डाक संबधी कार्य भी करना होता है ऐसे में यदि किसी स्कूलों में दर्ज संख्या कम है तो वहां पर दो ही शिक्षक रखे जाते है दो शिक्षकों के द्वारा पाँच कक्षाओं का संचालन करना कठिन हो जाता है जिससे अध्यापन कार्य प्रभावित होता है क्योंकि शिक्षकों को सिर्फ अध्यापन कार्य ही नहीं बल्की गैर शैक्षणिक कार्य भी करने होते हैं ऐेसे में एक शिक्षक सिर्फ अन्य डाक संबधी कार्यों को ही पूंर्ण करने में लगा रहता है तो ऐसे में दूसरा शिक्षक पाँचों कक्षाओं में कैसे अध्यापन कार्य कर सकता है।
संघ ने आगे बताया कि शासकीय स्कूलो के शिक्षकों पर अषासकीय शालाओं के समान रिज़ल्ट पर जोर दिया जाता है परंतु अषासकीय षिक्षकों की भांति शासकीय शिक्षकों को सिर्फ शैंक्षणिक कार्य करने को नहीं दिए जाते बल्कि बेगार के कार्य भी कराए जाते हैं जिससे षिक्षक गैरषैंक्षणिक कार्यों मे उलझ कर रह जाता है वहीं दर्ज संख्या के आधार पर ज्यादातर शासकीय स्कूलों में हर कक्षा के लिए एक षिक्षक उपलब्ध नहीं है वहीं अषासकीय स्कूलों मे प्रायमरी में भी हर विषय का एक षिक्षक होता है परंतु शासकीय स्कूलों में हर विषय के लिए प्रायमरी में एक षिक्षक क्यों नहीं दिए जाते यह समझ से परे है यही वजह है कि षिक्षकों में रोष व्याप्त है।
संघ के जिलाध्यक्ष-राॅबर्ट मार्टिन, हेमंत ठाकरे, राकेष श्रीवास, दिनेष गौंड़, गुडविन चाल्र्स, धनराज पिल्ले, एनोस विक्टर, अफरोज खान, स्टेनली नाॅबर्ट, राॅबर्ट फ्रांसिस, सुधीर पावेल, सुनील स्टीफन, सुनील झारिया, योगेष ठाकरे, उमेष सिंह ठाकुर, राजेष सहारिया, रऊफ खान, विनय रामजे, विनोद सिंह, देवेन्द्र पटेल, नीरज मरावी, विरेन्द्र श्रीवास, सुधीर अवधिया, मानसिंह आर्मो, संजय राजपूत, संदीप यादव, फिलिप अन्थोनी, गोपीषाह, नीरज वर्मा, सतीष त्रिपाठी, विनोद साहू, शरीफ अंसारी, आषीष कोरी, विजय झारिया, आषाराम झारिया, आर.पी.खनाल, एस.बी.रजक, रामकुमार कतिया, सतीष दुबे, संतोष चैरसिया, नितिन तिवारी, समर सिंह ठाकुर, त्रिलोक सिंह, मुकेष चंदेल, अषोक परस्ते, अनूप डाहट, आकाष भील, मुकेष प्रधान, आषीष कोरी आदि ने मुख्यमंत्री और षिक्षा मंत्री महोद्य से मांग की है कि शासकीय प्राथमिक शालाओं में भी हर विषय का एक षिक्षक पदस्थ किया जाए।



