नई औद्योगिक इकाइयों को लाइसेंस में छूट – फेडरेशन

जबलपुर दर्पण। । प्रदेश की शीर्ष व्यापारिक संस्था, फेडरेशन ऑफ मध्य प्रदेश चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की मांग पर उद्योग विभाग ने 27 जनवरी 2023 को प्रकाशित मध्यप्रदेश राजपत्र कमांक 34 के अनुसार उद्योगों के हित में कदम उठाते हुए इज ऑफ डूईंग बिजनेस के अन्तर्गत नवीन औद्योगिक ईकाईयों को स्थापना के 3 साल तक किसी भी प्रकार के लायसेंस लेने से छूट प्रदान की है। फेडरेशन के अध्यक्ष डॉ राधाशरण गोस्वामी के अनुसार, सरकार के इस निर्णय से नवीन औद्योगिक ईकाईयों को स्थापना के प्रारंभ से लायसेंस लेने के लिए परेशान नहीं होगा अर्थात् उपबंध (1) में निर्दिष्ट तीन वर्ष की कालावधि के दौरान कोई सक्षम प्राधिकारी किसी अनुमोदन के प्रयोजन से या उसके संबंध में कोई निरीक्षण नहीं करेगा और वह अपनी ईकाई को सुचारू रूप से प्रारंभ करने और उत्पादन कार्य में अपना समय लगा सकेगी।निम्न विभागों पर लागू – इस अवसर पर फेडरेशन के उपाध्यक्ष हिमांशु खरे ने बताया कि सरलीकरण अध्यादेश 2023 जिन विभागों से संबंधित अधिनियमों पर लागू होगा उनमें से कुछ निम्नलिखित है-
• बॉयलर अधिनियम, 1923
• ठेका श्रमिक अधिनियम 1970
• कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम 1948
• न्यूनतम मजदूरी अधिनियम 1948
• समान पारिश्रमिक अधिनियम 1976
• मध्यप्रदेश दुकान तथा स्थापना अधिनियम 1958
● मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961
● मध्यप्रदेश पंचायत एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993
• मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता अधिनियम 1959
● विद्युत अधिनियम 2003
• पर्यावरण अधिनियम 1986
मध्यप्रदेश में औद्योगिक इकाईयों की स्थापना एवं परिचालन करने के लिए विनिर्दिष्ट अनुमोदनों तथा निरीक्षणों से छूट अभिप्राप्त करने तथा उससे संसक्त तथा उसके आनुषंगिक विषयों के लिए उपबंध करने हेतु सरलीकरण अध्यादेश 2023 के अनुसार अब किसी भी नवीन स्थापित औद्योगिक इकाई को स्थापना से 3 साल तक किसी भी प्रकार के लायसेंस लेने की आवश्कता नहीं है।सरलीकरण से होगा लाभ – जबलपुर चैम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष प्रेम दुबे ने मध्यप्रदेश शासन के इस निर्णय का स्वागत किया और सरकार को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि सरकार के इस निर्णय से उद्योगों को कार्य करने में सुविधा होगी और वह अपनी संपूर्ण ऊर्जा से प्रदेश के औद्योगिक विकास में अपनी भागीदारी निभायेगे ।



