जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

उद्यमिता में सार्थक सफलता हेतु बेहतर प्लानिंग सर्वोपरि कुलपति डाॅ. पी.के. मिश्रा

जबलपुर दर्पण। जवाहरलालनेहरू कृषिविश्वविद्यालय के कृषिमहाविद्यालय जबलपुर के अंतर्गतउद्यानिकीविभाग द्वारानाहेपपरियोजनाके तहतबागवानीउत्पादनमेंनवीनतकनीकीपरछात्रों के बीचउद्यमिताविकासपर 10 दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजनकुलपतिडाॅ. प्रमोदकुमारमिश्रा के मुख्यआतिथ्य मेंहुआ। मुख्य अतिथिकुलपति डॉ. पी.के. मिश्रा ने अपनेउद्बोधनमेंकहाकि,उद्यमशीलताहेतुसंपूर्णजानकारी एवंप्रशिक्षण के उपरांतसहीप्लानिंग के माध्यम से कार्योंकोकरने से बेहतरपरिणामप्राप्तहोतेहैं, स्टार्टअप की सार्थकता एवंसफलताहेतुबेहतरप्लानिंगसर्वोपरिहोतीहै।कुलपति डॉ.मिश्रा ने कहाकिउद्यमशीलताहेतुबेहतरपरिणामकैसेप्राप्तकरें, इस हेतुव्यवहारिक रूप से गुलदस्ते का तैयारकरने की एवंउसकाआर्थिकीदृष्टिकोण एवंव्यवहारिक जीवन मेंलाभकैसेप्राप्तकरसकतेहैं,कुलपतिडाॅ. मिश्राने बड़ेहीसरलतरीके से जानकारीप्रदानकी।आपनेकहाकि एक अच्छेविषय परप्रशिक्षणछात्र-छात्राओंके लियेसार्थकसिद्ध होगा।
कार्यक्रम का शुभारंभसरस्वतीपूजन के साथहुआ।इसकेबादअधिष्ठाताउद्यानिकीसंकाय डॉ. एस.के.पांडे ने स्वागतउद्बोधनमेंकहाकिवर्तमान समय में कृषि के साथउद्यानिकी द्वारा एक अतिरिक्तआमदनी एवंबेहतरलाभहेतु एक बहुआयामी क्षेत्र है, इस हेतु 10 दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजनकियागयाहै।विशिष्टअतिथि के रूपमेंउपस्थितअधिष्ठाताकृषिसंकाय डाॅ. धीरेंद्र खरे ने कहाकिप्रशिक्षण की उपयोगिता, वर्तमान समय की आवश्यकताउद्यानिकीहै, प्रशिक्षणमेंसभीविषयों का बेहतरसमावेशकरकेइसकालाभप्रशिक्षण के माध्यम से प्रशिक्षार्थियोंकोप्राप्तहोगा।अधिष्ठाता कृषिअभियांत्रिकी संकाय डॉ.अतुलश्रीवास्तव ने कहाकिहॉर्टिकल्चर के क्षेत्र में यंत्रीकरण की उपयोगिता व आवश्यकताआजअतिआवश्यक होगईहै,ताकिबेहतरउत्पादन के साथ कम समय मेंअधिकलाभप्राप्तकियाजासकें।संचालकविस्तारसेवाएंविस्तारसेवाएं डॉ.दिनकरप्रसाद शर्मा ने कहाकिप्रशिक्षार्थियोंकोव्यवहारिकज्ञानअतिआवश्यक है।इस हेतुबडिग,ग्राफ्टिंग एवंप्रोटेक्टेडकल्टीवेशनविषय परप्रकाशडाला।
कार्यक्रम का संचालनप्रशिक्षणसमन्वयक डॉ. अखिलेशतिवारीप्रमुख वैज्ञानिक द्वाराकियागया एवंआभारप्रदर्शनडाॅ. रजनी शर्मावैज्ञानिक द्वाराकियागया।कार्यक्रम के दौरानमंचमेंअधिष्ठाताकृषिसंकाय डाॅ. धीरेन्द्र खरे, अधिष्ठाता कृषिअभियांत्रिकी संकाय डॉ. अतुलश्रीवास्तव, अधिष्ठाताउद्यानिकीसंकाय डॉ. एस.के. पांडे, संचालकविस्तारसेवायेंडाॅ. दिनकरप्रसाद शर्मा, अधिष्ठाताकृषिमहाविद्यालय डाॅ. पी.बी.शर्मा, नाहेपप्रमुख डाॅ. आर.के. नेमा,एक्सपर्टश्रीअजय की उपस्थितिरही।इसकेअलावाकार्यक्रममेंनाहेप के सह समन्वयक डॉ. एमके अवस्थी, सूचनाजनसंपर्कअधिकारी डॉ. शेखर सिंह बघेल. डॉ यतिराज खरे के अलावाबड़ी संख्या मेंप्रशिक्षणप्राप्तकररहेछात्र एवंछात्राओं की उपस्थितिरही।
10 दिवसीय प्रशिक्षणमेंहाईटेकहॉर्टिकल्चरनर्सरी, वेजिटेबलग्राफ्टिंग,ऑटोमेशनइनप्रोटेक्टेडकल्टीवेशन, आर्टिफिशियलइंटेलिजेंसइनहॉर्टिकल्चर, रिमोटसेंसिंग, रोलऑफमॉलिक्यूलरबायोलॉजीफॉरहॉर्टिकल्चर, इंप्रूवमेंटटिशुकल्चरटेक्नोलॉजी, डिजाइनिंग एंडस्ट्रक्चरइनवैरीयसफॉर एंडनेटहाउस, एप्लीकेशनऑफजीआईएसटेक्नोलॉजीइनहॉर्टिकल्चर, एप्लीकेशनआफड्रोनटेक्नोलॉजी, नेचुरल एंडफार्मिंग, रोलऑफ एच. डी. पी. एंडकैनाॅपीमैनेजमेंट,फूडक्रॉपफूडप्रोसेसिंगएंडवैल्यू एडिशनआॅफहॉर्टिकल्चर, क्रॉप्सस्टार्टअपइनफूडप्रोसेसिंग, मैकेनाइजेशनइनहॉर्टिकल्चररोलऑफइंटीग्रेटेडफार्मिंगसिस्टम, इनसस्टेनेबल एग्रीकल्चरसीडप्रोडक्शनआफहॉर्टिकल्चरक्रॉप्सटेस्टिंग एंड एनालिसिसअप्रोचस्टार्टअपइनइनपुटप्रोडक्शनमहत्वपूर्णविषयोंपरसैद्धांतिक एवंव्यवहारिकप्रशिक्षणप्रदानकियाजाएगा।

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