हिंदुत्व के संरक्षण संवर्धन में महिलाओं की अहम् भूमिका

जबलपुर दर्पण। मां बच्चे की प्रथम गुरु और परिवार की धुरी होती है। धर्म, संस्कृति व सुसंस्कारों के विकास में मातृशक्ति का विशिष्ट योगदान होता है। मां जीजाबाई की परवरिश और उनसे मिले सुसंस्कारों के बल पर ही छत्रपति शिवाजी महाराज मुगलिया आतंक के बीच हिंदवी स्वराज की स्थापना कर सके। इस प्रकार हिंदुत्व के संरक्षण संवर्धन में भी मातृशक्ति का महत्वपूर्ण योगदान है। हिंदुत्व के लिए जी जान से समर्पित संस्कारधानी जबलपुर की बहादुर बेटी रवीता विश्वकर्मा को राष्ट्रीय हिंदू संगठन के झारखंड प्रदेश का प्रभारी बनाया जाना संस्कारधानी के लिए गौरव की बात है। उक्त उद्गार भारत रक्षा मंच के प्रांत अध्यक्ष डॉ. एच. पी. तिवारी ने बहन रवीता विश्वकर्मा के सम्मान समारोह में व्यक्त किए। मध्यप्रदेश की राज्य शिक्षा सलाहकार डॉ श्रद्धा तिवारी ने कहा की हिंदू धर्म मानव धर्म और एक जीवन पद्धति है। इसमें मानव मात्र के कल्याण के सूत्र समाहित हैं। यह ‘ वसुधैव कुटुंबकम् ‘ और ‘ सर्वे भवन्तु सुखिन:’ के मूलमंत्र का पोषक है। बहन रवीता विश्वकर्मा ने कहा कि यह सम्मान मेरा नहीं वल्कि सम्पूर्ण संस्कारधानी और संगठन के समस्त वरिष्ठ पदाधिकारियों का सम्मान है।जिन्होंने ने संगठन में मुझे उंगली पकड़कर चलना सिखाया और आज इतनी बड़ी जिम्मेवारी के योग्य समझा। समारोह में बड़ी संख्या में हिंदुत्ववादी गणमान्यजन और संगठन के कार्यकर्ता उपस्थित थे।कार्यक्रम का संचालन जीवेश पांडे ने तथा आभार प्रदर्शन संस्कृति विश्वकर्मा ने किया।



