जर्जर विद्यालयों की तरफ ध्यान दे विभागविद्यालय खुलने के पहले हो मरम्मत कार्य पूंर्ण-मांग

मध्य प्रदेष जागरूक अधिकारी कर्मचारी संगठन के प्रांताध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष रॉबर्ट मार्टिन ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि एक तरफ उत्कृष्ट षिक्षा दिलाने हेतु नित नई घोषणाएं होती रहती हैं वहीं दूसरी तरफ देखा जाए तो प्रदेष के हर जिले में कई ऐसे स्कूल देखने को मिलेंगे जिनकी हालत दयनीय है वह देख रेख एवं मरम्मत के अभाव के चलते जर्जर हालत में पहुंच गये हैं। यदी समय रहते इन जर्जर विद्यालयों के मरम्मत का कार्य नहीं किया गया तो कभी भी किसी भी प्रकार का हादसा हो सकता है। ऐसे में हर जिले के जिला षिक्षा केन्द्र के द्वारा मरम्मत कार्य अतिषीघ्र किए जाने चाहिए।
संघ ने आगे बताया कि स्कूल खुलने के पहले जिन स्कूलों की बिल्डिंगों में सुधार की जरूरत है उसे प्राथमिकता के साथ सुधारा जाना चाहिए। क्योंकि जब स्कूल खुलेंगे तो यदि विद्यालयों की हालत जर्जर रही तो बारिस के पानी से और अधिक नुकसान हो सकता है बिल्डिंग कमजोर होने की वजह से धरासाई हो सकती है जिससे बच्चों और षिक्षकों की जान जोखिम में हो सकती है, और बड़ा हादसा हो सकता है। अतः स्कूल खुलने और बारिस होने के पहले ही मरम्मत कार्य पूंर्ण कर लिए जाने चाहिए। ज्यादातर जो विद्यालयों की बिल्डिंगे पुरानी है और जहां छप्पर वाले छत है, वहां ज्यादा दिक्कते हैं क्योंकि पानी चूने की वजह से छत कमजोर होने के साथ ही दीवाल और बिल्डिंगों की अन्य चीजें जैसे छत की लकड़ी, और कमरों की खिड़की, दरवाजे सभी कमजोर हो चुके हैं ऐसे स्कूलों की मरम्मत तुरंत कराई जानी चाहिए।
संघ के जिलाध्यक्ष-रॉबर्ट मार्टिन, दिनेष गौंड़, राकेष श्रीवास, हेमंत ठाकरे, राजकुमार यादव, रऊफ खान, फिलिप अन्थोनी, विनोद सिंह, गुडविन चार्ल्स, उमेष सिंह ठाकुर, सुनील झारिया, क्रिस्टोफर नरोन्हा, एनोस विक्टर, मनीष मिश्रा, राजेन्द्र सिंह, रामदयाल उईके, धनराज पिल्ले, सुधीर अवधिया, आबिद खान, अफरोज खान, देवेन्द्र पटेल, मनीष झारिया, सुधीर पावेल, गोपीषाह, रवि जैन, नेत राम, नीरज मरावी, वीरेन्द्र श्रीवास, विजय झारिया, सुनील स्टीफन, विनय रामजे, रामकुमार कतिया, सरीफ अहमद अंसारी, आषीष कोरी, प्रदीप पटेल, मनीष मिश्रा, संतोष चौरसिया, एस.बी.रजक, अजय मिश्रा, सुखराम विष्वकर्मा, रामाधर चौधरी, आदि ने राज्य षिक्षा केन्द्र से मांग की है कि वे प्रदेष के हर जिले के जिला षिक्षा केन्द्रों को आदेषित करें कि वे अपने जिले के जर्जर विद्यालयों के मरम्मत कार्य अतिषीघ्र करें।



