जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

विविध मांगों को लेकर कर्मचारी एकजुट हुए

जबलपुर दर्पण। मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया गया कि प्रादेशिक स्तर की ज्वलंत समस्याओँ को लेकर विभिन्न संगठन उनके निराकरण के लिए सतत प्रयासरत हैँ। प्रदेश स्तरीय समस्याओँ के अलावा जिले स्तरीय स्थानीय समस्याओँ के त्वरित निदान के लिए भी पत्राचार,ज्ञापन, धरना, आंदोलन, सांकेतिक प्रदर्शन जैसी विविध युक्तियां अपनाकर भी लोकसेवकों के हितों के संरक्षण एवं उनकी मांगो के समाधान के लिए भी समस्त संगठन पुरजोर प्रयास कर रहे हैँ। इस चुनावी वर्ष में सरकार के ध्यानाकर्षण में कोई कसर नहीं छोड़ रहे।
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर के अनुसार 1.अध्यापक संवर्ग के बहुत से अध्यापकों का शिक्षा विभाग में संविलियन नहीं हो पाया है।जिससे उन्हें आर्थिक एवं मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है ध्यान देने योग्य गंभीर बात ये है, कि अचानक यदि दुर्भाग्यवश कोई अध्यापक का आकस्मिक निधन हो गया तो उसके परिवार वालों को अनुकम्पा नियुक्ति एवं अन्य कोई भी लाभ जो शिक्षा विभाग में संविलियन उपरांत मिलते वे नहीं मिलेंगे।अध्यापकों का शिक्षा विभाग में संविलियन हर हाल में करने का आदेश लगभग एक वर्ष पहले ही जारी कर दिया गया है परन्तु हीलाहवाली के चलते यह अतिमहत्वपूर्ण कार्य जिससे कि अध्यापकों का पूरा परिवार जुडा है अभी तक अपूर्ण है 2. नवीन भर्ती में आये कुछ संविदा शिक्षकों को एवं शिक्षा विभाग में संविलियन होने से रह गये अध्यापकों के ट्रेजरी कोड जनरेट नहीं हो पा रहे हैँ क्योंकि विकासखंड शिक्षा अधिकारीयों का कहना है, कि पोर्टल पर पद दिखलाई नहीं दे रहे है, पद ना होने से इनके वेतन भुगतान में समस्या आ रही है जबकि सभी संविदा /अध्यापकों ने ट्रेजरी कोड जनरेट करने के लिए आवश्यक दस्तावेजोँ के साथ दो फाइल जमा कर दी हैँ। 3. शिक्षकों से गैर शिक्षकीय कार्य ना करवाएं जावें।अभी आये बोर्ड परीक्षाओं के परिणामोँ ने हकीकत बयां कर दी है, कि साल भर शिक्षकों को विभिन्न गैर शिक्षकीय कार्यों में उलझाकर छात्र -छात्राओं के भविष्य से खिलवाड़ कर दिया। 4. कुछ संकुल प्राचार्यों द्वारा समय पर वेतन पत्रक /बिल न देने के कारण हर माह वेतन भुगतान में देरी होती है अतः ऐसे संकुल केंद्रों पर कठोर कार्यवाही की जाये। 5. संकुल केंद्रों पर सेवा पुस्तिका संधारण कार्य प्रति वर्ष कराया जाना चाहिए। 6. संकुल प्राचार्यों द्वारा वर्ष में एक बार एन पी एस कटोत्रा की पासबुक अपडेट कर सम्बंधित शिक्षक को उपलब्ध करायी जावे क्योंकि अध्यापक संवर्ग का कटोत्रा वर्ष 2011 से हो रहा है जबकि संवर्ग के पास कोई लेखा जोखा नहीं है। 7. सातवें वेतनमान के एरियर की चौथी किश्त का भुगतान इसी माह किया जाना चाहिए इससे सम्बंधित आदेश भी आ चुके है। 8. प्रत्येक लोकसेवक का मासिक वेतन प्रतिमाह 1 तारीख़ को हो जाना सुनिश्चित किया जाये।
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर के अनुसार ऐसा कोई विभाग नहीं जहाँ के कर्मचारी किसी ना किसी समस्या से ग्रस्त ना हों। पुरानी पेंशन बहाली के लिए “पेंशन नहीं तो वोट नहीं ” तक बात पहुँच गयी है। लिपिक संवर्ग, लघु वेतन कर्मचारी, दैनिक वेतन भोगी, कार्यभारित, संविदा, आशा -उषा -आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ता एवं सहायिका, स्वास्थ्य कर्मचारी, पेंशनर्स सभी अपनी अपनी समस्याओँ के सार्थक समाधान के लिए जी तोड़ प्रयास कर रहे है। अब सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए कि इन गंभीर मुद्दों का निराकरण करना कितना अनिवार्य है क्योंकि जागृत हो चुके लोकसेवक अब आर -पार की लड़ाई की योजना बना चुके हैँ एवं पुरानी पेंशन योजना पर आम सहमति बन गयी है सभी संगठन एक स्वर में अनुनाद कर रहे हैँ कि “पेंशन नहीं तो वोट नहीं “ये गंभीर संकेत है।
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के दिलीप सिंह ठाकुर,भास्कर गुप्ता, ऋषि पाठक, दुर्गेश खातरकर, विश्वनाथ सिंह, नितिन तिवारी, धर्मेंद्र परिहार, आकाश भील, अजब सिंह, देवराज सिंह, सुल्तान सिंह, आदेश विश्वकर्मा,कमलेश दुबे, विशाल सिंह, राशिद अली,इमरत सेन,शिवेंद्र परिहार, संजय उपाध्याय,माधव पाण्डेय, शैलेश पंड्या, देवेंद्र राजपूत,रवि विश्वकर्मा,सतीश खरे,आशीष विश्वकर्मा,जी आर झारिया,सुरेंद्र परसते,अफ़रोज़ खान, रवि केवट, राकेश मून,अरविन्द विश्वकर्मा, बहादुर पटेल, निरंद सिंह, आशीष यादव, दिलीप साहू,अजय लोधी,पंकज हल्दकार,देव सिंह भवेदी,भोजराज विश्वकर्मा, महेश मेहरा,विष्णु झारिया,आसाराम झारिया, गंगाराम साहू, भोगीराम चौकसे,समर सिंह,मनोज कोल,पवन सोयाम, आर पी वामने, रुपनारायण वर्मा, सुधीर गौर, चंद्रप्रकाश उसरेठे,प्रशांत श्रीवास्तव, राजकुमार साहू, चंद्रभान साहू, चन्द्रभूषण, चन्द्रभान सिंह,गेंदालाल लोधी, नीरज बाजपेई, लोचन सिंह, ब्रजवती आर्मो,अनुराधा नामदेव, आरती कंदिकार, ज्योति झारिया, जागृति मालवीय, शीतल मालवीय, जमुना राजपूत, सीमा सिंह, क्षिप्रा सिंह, मनीषा पुनवरकर,पुष्पा रघुवंशी, अर्चना भट्ट, सिया बाई,शबनम खान,शायदा खान, सुमिता इंगले, अम्बिका हँतिमारे, प्रेमवती सोयाम, राजेश्वरी दुबे,गीता कोल, कल्पना ठाकुर,संदीप परिहार,रजनी गुप्ता,डेलन सिंह,मोदित रजक, जीतेन्द्र रजक, ब्रजेश कुमार, ब्रजेन्द्र तिवारी,शारदा मंडाले, चंदा सोनी,रौशनी महोबिया,अंजनी उपाध्याय,नीलेश कोरी, संतोष श्रीवास्तव, संतोष चौरसिया,एस बी रजक, शहीर मुमताज़, आर पी खनाल, संतोष चौरसिया, गोपी शाह इत्यादि ने श्रीमान मुख्यमंत्री महोदय जी एवं स्थानीय प्रशासन से उपरोक्त मांगों पर चिंतन -मनन तथा विचार-विमर्श करके शीघ्र -अतिशीघ्र लोकसेवकों की विभिन्न समस्याओँ का सार्थक निराकरण करने की मांग की है।

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