जलमंदिर के रूप में विकसित होंगी शहर की दो प्राचीनतम बाबड़ीयां : राकेश सिंह

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित गतिमान भारत के तहत 1 माह तक होने वाले कार्यक्रमों में साँसद श्री राकेश सिंह जिले की दो प्राचीनतम बाबड़ी का पुनरुद्धार का कार्य करते हुए जल मंदिर के रूप उन्हें जनता को समर्पित करेंगे।
साँसद श्री राकेश सिंह ने बुधवार को रानीताल उजार पुरवा शहर की प्राचीनतम बाबड़ी और गढ़ा राधाकृष्ण मंदिर के पीछे स्थित प्राचीनतम बाबड़ी का निरीक्षण किया।
इस अवसर पर साँसद श्री राकेश सिंह ने कहा हम सौभाग्यशाली है कि हम माँ नर्मदा के किनारे बसे है औरहमारा क्षेत्र माँ रानी दुर्गावती की कर्मस्थली रहा है रजिन्होंने जल संरक्षण और संवर्धन के लिए बड़े स्तर पर कार्य किये और उसी का परिणाम है कि जबलपुर अन्य शहरों की अपेक्षा जल संकट से दूर है पर लंबे समय तक हम जल को बचाये रख पाएंगे या नही इसकी चिंता हम सभी को करना होगी और इसके लिए मैंने 2009 से जल रक्षा यात्रा के साथ ही विभिन्न कार्यक्रमो के माध्यम से जल संरक्षण के लिये कार्य करने का प्रयास किया है और आज भी मेरा मानना है कि यदि हम अपनी पुरानी जल संरचनाओं को बचा सके तो निश्चित ही हम अपनी आने वाली पीढ़ी को जल की समृद्ध विरासत के रूप में कुछ दे सकेंगे।
उन्होंने कहा जिस तेजी के साथ भजल का स्तर गिर रहा है और हम जल के प्राकृतिक स्त्रोतों को खोते जा रहे है उससे निश्चित रूप से आना वाला कल जल की दृष्टि से भयावय होगा इसीलिए देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का भी स्पष्ट रूप से मानना है कि जल संरक्षण के क्षेत्र में सभी को अपने अपने हिस्से का योगदान देना चाहिए और जो विरासत हमे हमारे पूर्वजों से मिली है उसमें आगे बढ़ाते हुए हम अपनी आने वाली पीढ़ियों को दे सके।
साँसद श्री सिंह ने कहा पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता के सहयोग से पत्थर की संरचना से हाथों से निर्मित ग्रेवेडियन बांध का निर्माण कराया उसके साथ ही ऐतेहासिक संग्राम सागर तालाब का पुनरुद्धार कराया गया जो इस बात का परिचायक है कि यदि हम अपने प्राकृतिक स्त्रोतों को बचा सकेंगे तो निश्चित ही आने वाली पीढ़ी को जल की विरासत दे सकेंगे।
उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 9 वर्ष पूर्ण हुए है और एक माह तक चलने वाले कार्यक्रमों की श्रृंखला में हमने तय किया है कि जबलपुर की प्राचीनतम बाबड़ी में से उजार पुरवा की बाबड़ी और गढ़ा राधाकृष्ण मंदिर के पीछे स्थित प्राचीन बाबड़ी जो अपने समय मे जल का एक बड़ा स्रोत रही हैं किंतु आज दुर्दशा का शिकार है जिनका पुनरुद्धार कराया जाए और इसके किये आगामी 1 जून को उजार पुरवा और 2 जून को गढ़ा क्षेत्र की बाबड़ी में मैं और मेरे साथ पार्टी के जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी एवँ कार्यकर्ता श्रमदान करेंगे और चूंकि बाबड़ी की संरचना में श्रमदान करने में सुरक्षा के मापदंडों का भी ध्यान रखा जाना आवश्यक यही इसीलिए यह कार्य विशेषज्ञों के साथ ही किया जाएगा और इसके बाद इसे सुंदर जल मंदिर के रूप में विकसित कर जनता को समर्पित किया जाएगा। उन्होंने बताया यह कार्य मे साँसद निधि, स्मार्ट सिटी एवँ राज्य सरकार के सहयोग से किया जाएगा।
इस अवसर पर नगर अध्यक्ष प्रभात साहू, विधायक अशोक रोहाणी, पूर्व विधायक शरद जैन, हरेन्द्रजीत सिंह बब्बू, प्रदेश कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन, नगर निगम अध्यक्ष रिंकू विज, महामंत्री पंकज दुबे, पार्षद राहुल साहू, शैलेन्द्र विश्वकर्मा, अतुल चौरसिया, लालू यादव, रंजीत ठाकुर, सोनू बचवानी, मनीष जैन कल्लू, संतोष झारिया, अंकित पाठक उपस्थित थे।



