दिल में बसाया राम मंदिर,निर्माण पूर्ण होने पर तोड़ेंगी 28 वर्ष का उपवास

जबलपुर। जैसा संकल्प वैसी सिद्धि। यदि ईश्वर के प्रति अखंड श्रद्धा,विश्वास व समर्पण के साथ शुचिता पूर्ण संकल्प लिया जाय तो वह निश्चित ही फलित होता है। 28 वर्ष पूर्व 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण तक अन्न ग्रहण न करने का ऐसा ही संकल्प लेकर जबलपुर निवासी गृहस्थ साध्वी माता उर्मिला चतुर्वेदी जी ने राम मंदिर और भगवान श्री राम को अपने दिल में बसा लिया था। अब भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण के शुभारंभ के साथ ही माता जी का वह संकल्प सिद्ध हो गया है।मंदिर निर्माण के शुभारंभ की पूर्व संध्या पर ब्रह्म सत्ता के प्रधान संपादक व श्री परशुराम धाम विकास समिति के अध्यक्ष डॉ एच पी तिवारी द्वारा संकल्प पूर्ति पर माता जी को बधाई देते हुए उनसे अपना ब्रत तोड़ने का आग्रह करने पर माता जी ने मंदिर निर्माण पूर्ण हो जाने के बाद ही अन्न ग्रहण करने का अपना संकल्प दोहराया।भगवान राम की अनन्य आराधिका परम पूज्य माता जी के श्री चरणों में शत शत नमन।



