जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

मान्नीय न्यायालयों में कार्यरत कोर्ट मोहर्रिरों एवं थानों से चालान ड्यूटी में लगे कर्मचारियों की बैठक

पुलिस कन्ट्रोलरूम जबलपुर में पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री तुषार कांत विद्यार्थी द्वारा समस्त राजपत्रित अधिकारियों की उपस्थिति में मान्नीय न्यायालयो ंमे कार्यरत कोर्ट मोहर्रिरों एवं थानों से चालान ड्यूटी में लगे कर्मचारियों एक बैठक ली गयी।

           जबलपुर दर्पण।  बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर श्रीमती प्रियंका शुक्ला  अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर दक्षिण श्री संजय अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री शिवेश सिंह बघेल, एवं नगर पुलिस अधीक्षक अधारताल श्रीमति प्रियंका करचाम, नगर पुलिस अधीक्षक कोतवाली श्री प्रभात शुक्ला, नगर पुलिस अधीक्षक ओमती श्री आर.डी. भारद्वाज, नगर पुलिस अधीक्षक रांझी श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह, नगर पुलिस अधीक्षक गोरखपुर सुश्री प्रतिष्ठा राठौर, नगर पुलिस अधीक्षक गोहलपुर श्री अखिलेश गौर, उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय / नगर पुलिस अधीक्षक कैट श्री तुषार सिंह, उप पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीमति अपूर्वा किलेदार,  नगर पुलिस अधीक्षक बरगी सुश्री अंकिता खातरकर, एसडीओपी सिहोरा सुश्री पारूल शर्मा मरावी, एसडीओपी पाटन सुश्री सारिका पाण्डे उपस्थित रहे।                    पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री तुषार कांत विद्यार्थी द्वारा मान्नीय न्यायलयों में विचाराधीन  गम्भीर, सम्पत्ति सम्बंधी अपराधों, आर्म्स एक्ट, एन.डी.पी.एस. एक्ट, पाक्सो एक्ट के प्रकरणों की समीक्षा करते हुये अद्यतन स्थिति की  जानकारी ली गयी एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये।
                    उल्लेखनीय है कि पूर्व में आपके द्वारा मान्नीय न्यायलयों में विचाराधीन सम्पत्ति सम्बंधी अपराधों की मॉनीटरिंग अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर दक्षिण श्री संजय कुमार अग्रवाल को, आर्म्स एक्ट के प्रकरणों के अपराधों की मॉनिटरिंग हेतु अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री शिवेश सिंह बघेल को, एन.डी.पी.एस. की मॉनिटरिंग हेतु अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर उत्तर/यातायात श्री प्रदीप कुमार शेण्डे को तथा पाक्सो एक्ट एंव महिला सम्बंधी अपराधों की मॉनिटरिंग हेतु अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर श्रीमती प्रियंका शुक्ला (भा.पु.से.), को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इसके साथ ही आपके द्वारा सभी कोर्ट मोहर्रिर को निर्देशित किया गया कि मान्नीय न्यायालय में कानून व्यवस्था बनाये रखते हुये साक्षियों की सुरक्षा, एवं अभियुक्त की अभिरक्षा सुनिश्चित करें।  समंस वारंट  सजकता से जारी करेंगे तो निश्चित ही संमस वारंट के तामीली के प्रतिशत में बढेातरी होगी, अक्सर अधूरे नाम पता के कारण संमस वारंट की तामीली मे दिक्कतें आती है, समंस वारंट जारी करते समय पूरा नाम पता आवश्यक रूप से लिखें, साथ ही जमानतदारों के नाम पता भी लिखें।

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