शिव को प्रिय है विल्व पत्र: स्वामी नरसिंह दास

जबलपुर दर्पण। सूर्य-चन्द्र-अग्नि हीं त्रिनेत्ररूप और आयुधत्रय स्वरूप तथा तीनों जन्मों के पापों को नष्ट करने वाला बिल्वपत्र भक्त भगवान शिव को समर्पित करते हैं ।मनुष्य जन्म दुर्लभ है, जिसका मुख्य लक्ष्य है मोक्ष की प्राप्ति। इसका मुख्य साधन है ज्ञान जो भगवान शिव की उपासना से प्राप्त होता है। शिवजी की आराधना केवल पत्र-पुष्प, जल, गंगाजल, दूध, बेलपत्र गुलाबजल, से करने के साथ
भगवान शिव को शीघ्र प्रसन्न करने के लिए बिल्वपत्र के तीनों दलों पर लाल चंदन से या कुंकुम से ‘राम’ लिखकर या ‘ॐ नम: शिवाय’ लिखकर अर्पण करना चाहिए। विशेष अवसरों पर जैसे शिवरात्रि, श्रावण के सोमवार, प्रदोष आदि को ११, २१, ३१, १०८ या १००८ बिल्वपत्र शिवलिंग पर अर्पित करने से विशेष फल प्राप्त होता है
उक्त उद्गार नरसिंह पीठाधीश्वर डॉक्टर स्वामी नरसिंह दास जी महाराज ने नरसिंह मंदिर गीता धाम में श्रावण मास महोत्सव के अवसर पर आयोजित नर्मदेश्वर महादेव शंभो के रूद्राभिषेक पूजन में कहे ।
श्रावण महोत्सव रूद्राभिषेक पूजन आचार्य रामफल शास्त्री ,कामता शास्त्री, राघवेंद्र शुक्ला ,रामजी पुजारी ,हिमांशु प्रियांशु मिश्रा विवेक, प्रवीण चतुर्वेदी सहित नरसिंह मंदिर गीता धाम भक्त मंडल के सदस्य और श्रृध्दालु जन उपस्थित रहे ।



