जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

दबंगों ने दबाई शासकीय शालाओं की भूमि

जबलपुर दर्पण। मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी अनेक शालाएं है जहां दबंग लोगों द्वारा शासकीय शालाओं की हद में अतिक्रमण कर रखा है जिसे देखा जा सकता है। जिससे शाला विकास, भविष्य में अन्य योजनाओं जैसे सी. एम. राइज, पी.एम. श्री योजना , स्कूल विस्तार, खेल मैदान एवं अतिरिक्त निर्माण कार्य के समय व्यवधान उत्पन्न होता है। मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर के अनुसार शासकीय शालाओं की जमीन अतिक्रमण से मुक्त एवं शासकीय दस्तावेजों में समस्त शालाओं के नाम चढ़ाएं जाना अनिवार्य है क्योंकि समय-समय पर दबंग लोग शाला प्रधान एवं शिक्षकों को अपना खौंफ दिखाते रहते हैं,जबकि लोकसेवक हमेशा कार्यालय समय पर अपने नियम, संयम एवं कार्य करने से ही मतलब रखते हैं किन्तु कार्यालय समय या अवकाश समय पर दबंग अतिक्रमण कर्ता शासकीय संपत्ति को नुकसान या हानि पहुंचाते हैं या प्रयास में लगे रहते हैँ।शासकीय शालाओं में चौकीदार आदि रखने का कोई प्रावधान या कोई मद नहीं है।
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर ने आगे बताया कि अभी पिछले सत्र में शासकीय हाई स्कूल डगडगाहीनोता (घूँसौर ) में स्कूल की ज़मीन पर अतिक्रमण किया गया था बामुश्किल सीमांकन करवाया गया था। वर्तमान में शासकीय एकीकृत माध्यमिक शाला, मुकुनवारा,बरगी परिक्षेत्र, जबलपुर ग्रामीण में अतिक्रमणकर्ताओं ने सीमेंट के खम्बे गाडकर तार खींच दिये थे परन्तु श्रीमान कलेक्टर साहब के मुख्यमंत्री जन संवाद कार्यक्रम के तहत दौरा होने पर निकाल लिए परन्तु अब वे पुनः अतिक्रमण करने की तैयारी में हैँ जिसे रोका जाना आवश्यक है।


मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के दिलीप सिंह ठाकुर, जी आर झारिया,दुर्गेश खातरकर, ऋषि पाठक,अरविन्द विश्वकर्मा, संजय उपाध्याय, शिवेंद्र परिहार, भास्कर गुप्ता, धर्मेंद्र परिहार, नितिन तिवारी,विश्वनाथ सिंह,माधव पाण्डेय,आकाश भील, आदेश विश्वकर्मा, अजब सिंह, सुल्तान सिंह, देवराज सिंह, इमरत सेन, महेश मेहरा, भोजराज विश्वकर्मा,विशाल सिंह, आसाराम झारिया, समर सिंह, डेलन सिंह, अजय श्रीपाल, राशिद अली,अफ़रोज़ खान, रवि केवट, विष्णु झारिया, सुरेंद्र परसते, सुधीर गौर, देवेंद्र राजपूत, कमलेश दुबे, मोदित रजक, कल्पना ठाकुर, अर्चना भट्ट, पुष्पा रघुवंशी, चंदा सोनी, रेनू बुनकर, ब्रजवती आर्मो, अम्बिका हँतिमारे, पूर्णिमा बेन, प्रेमवती सोयाम, योगिता नंदेश्वर, शबनम खान, शायदा खान इत्यादि ने शासन- प्रशासन से मांग की है,कि शीघ्र -अतिशीघ्र समस्त ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों की शासकीय शालाओं का सीमांकन कर शासकीय रिकॉर्ड में दर्ज करेँ ताकि भविष्य में शासकीय शालाओं को अतिक्रमण मुक्त रखा जा सके।

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