जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश विद्युत मण्डल अभियंता सघ ने प्रदेश की विदयुत कंपनियों में अधोसंरचना में हुई बढ़ोतरी

जबलपुर दर्पण। संघ महासचिव विकास शुक्ला ने माननीय मुख्य मंत्री को पत्र लिख कर कहा है कि एक ओर जहां नई विकसित अधोसंरचना के अनुपात कई गुना बढ़ोतरी हुई है वही सभी विद्युत कंपनियों आज भी कई वर्ष पुरानी संगठनात्मक संरचना लागू है, जिस पर शासन/प्रबंधन कोई निर्णय नहीं ले रहा है, वहीं दूसरी ओर विदयुत कंपनियों में जो स्वीकृत पद है, उनको भी भरने में शासन/विदयुत प्रबंधन की कोई रूचि नहीं ले रहा है। संघ द्वारा सभी विद्युत कंपनियों (जनरेशन / ट्रांसमिशन / वितरण) की वर्तमान में लागू संरचना की समीक्षा करने पर पाया गया, कि सभी विद्युत कंपनियों में लगभग 35% से भी कम कर्मियों से विद्युत प्रणाली चलाया जा रहा है। जबकि विद्युत अधोसंरचना में कई गुना बढ़ोतरी हो चुकी है, जिसको आने वाले समय में विद्युत प्रणाली सुचारु रूप से चला पाना लगभग नामुमकिन कार्य होगा । ज्ञात हो की, अधोसंरचना में इतनी बढ़ोतरी के बावजूद, शासन एवं प्रबंधन आज तक नवीन विद्युत कर्मी उपलब्ध कराने में नाकाम रहा है, वरन इसके कार्य निष्पादन के दौरान किसी अधिकारी के काम में कोई कमी रह जाती है, तो उनके विरूद्ध प्रबंधन कार्यवाही के लिए हमेशा तैयार रहता है।
सघ महासचिव ने लिखा है कि मैदानी अधिकारियों में सहायक यंत्री जो वास्तव में विदयुत व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं, मानव संसाधन की अत्यधिक कमी के कारण बेहद दवाव में काम कर रहे मैदानी अधिकारियों द्वारा अपना सर्वोतम प्रयास करने के बावजूद भी यदि कोई अपरिहार्य त्रुटि अथवा भूल हो जाती है तो उनका पक्ष सुने बिना उन पर प्रबंधन द्वारा उनके विरुद्ध तुरंत सख्त कार्यवाही कर दी जाती है।


प्रदेश मे सुचारु और अनवरत विद्युत व्यवस्था बनाए रखने हेतु संघ ने यह भी मांग किया है कि विद्युत कर्मियों जैसे कर्यालय सहायक, तकनीकी सहायक, लाईन मैन हेल्पर एवं परीक्षण सहायक जैसे पदो पर भी मानव संसाधन की भीषण कमी से विद्युत कंपनिया जूझ रही है, उक्त सभी पदो पर समीक्षा कर कर्मचारी स्तर पर भी व्यापक अभियान चला कर इस प्रकार रिक्त पदों पर नई भर्तियां की जाये, जिससे राजस्व वसूली, वितरण हानि में कमी व विदयुत व्यवस्था में भी सुधार परिलक्षित होगा। संघ ने अनुरोध किया है कि सभी विद्युत कंपनियों में अधोसंरचना में हुए बढ़ोतरी को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द नवीन संगठनात्मक संरचना को स्वीकृत किया जाए एवं बड़े पैमाने पर अधिकारियों/कर्मचारियों की नवीन नियमित भर्तिया की जाय जिससे की आने वाले समय में भी विद्युत् व्यवस्था सुचारु रूप से चालू रखी जा सके तथा मध्य प्रदेश सदैव ऊर्जा क्षेत्र अग्रणी स्थान पर रहे।

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