जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

संस्कारधानी में हुआ दो जोड़ों का दहेज व आडंबर मुक्त विवाह

जबलपुर दर्पण। बीते हफ्ते देश में संस्कारधानी के नाम से मशहूर मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में दहेज मुक्त शादी का एक अनोखा ही नजारा देखने को मिला। यहाँ बीते रविवार मझौली और जबलपुर तहसील में संत रामपाल जी महाराज के सत्संग का आयोजन किया गया था, जिसमें संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में दो जोड़ों अर्थात जबलपुर मध्यप्रदेश की ज्योति दासी और गाजीपुर उत्तरप्रदेश के हिमांशू दास के साथ तथा जबलपुर की निकिता दासी और करौली राजस्थान के देशराज दास के साथ दहेज मुक्त शादी हुई। जिसमें न लग्न देखा गया, न बैंड बाजा, डीजे बजा, न नाच गाना हुआ बल्कि साधारण तरीके से हुए इन दोनो दहेज मुक्त विवाह में किसी भी तरह का दहेज का लेनदेन नहीं हुआ।

शिष्यों ने बताया कि संत रामपाल जी महाराज बताते हैं कि गीता, वेद परमात्मा का बनाया संविधान है जो व्यक्ति संविधान का उल्लंघन करता है, वह दंडित होता है। इसलिए हमें देवीपुराण के तीसरे स्कन्ध अध्याय 4-5 में देवी दुर्गा द्वारा ब्रह्मा-सावित्री, विष्णु-लक्ष्मी और शिव-पार्वती का विवाह जिस तरह विवाह किया था। उसी शास्त्रोक्त विधि को अपनाना चाहिए। जिससे जीवन सुखी होता है। साथ ही, उन्होंने बताया कि संत रामपाल जी के सानिध्य में हुए इन विवाहों में पूर्ण रूप से शास्त्रोक्त विधि अपनाई गई, जोकि मात्र 17 मिनट में सर्व देवी देवताओं की स्तुति के साथ यानि असुर निकंदन रमैनी द्वारा सम्पन्न हुई। वहीं अनुयायियों ने बताया कि संत रामपाल जी के ज्ञान से नशा, दहेज, भ्रष्टाचार, रिश्वत, चोरी, जारी जैसी बुराइयां समाप्त हो रही हैं, लोग परमात्मा की सतभक्ति कर रहे हैं और उनके जीवन में सुख शांति आ रही है, जिससे “धरती ऊपर स्वर्ग” बन रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page