बोल बम के नारे लगाते हुए निकली कांवड़ यात्रा

जबलपुर दर्पण। मां नर्मदा जी गौरी घाट से गुप्तेश्वर महादेव जी मंदिर तक कांवड़ में नर्मदा जल लेकर भगवान भोलेनाथ को अर्पित किया इस अवसर पर आचार्य संजय शास्त्री ने बताया कि हिंदू धर्म की मान्यता के मुताबिक चतुर्मास में पड़ने वाले श्रावण के महीने में कांवड़ यात्रा का बड़ा महत्व है.माना जाता है कि शिव को आसानी से प्रसन्न किया जा सकता है. उन्हें केवल एक लोटा जल चढ़ा कर प्रसन्न किया जा सकता है. वहीं यह भी मान्यता है कि शिव बहुत जल्दी क्रोधित भी होते हैं.कांवड़ यात्रा शिवो भूत्वा शिवम जयेत यानी शिव की पूजा शिव बन कर करो को चरितार्थ करती है.यह समता और भाईचारे की यात्रा भी है. सावन जप, तप और व्रत का महीना है.शिवलिंग के जलाभिषेक के दौरान भक्त पंचाक्षर, महामृत्युंजय आदि मंत्रों का जप भी करते हैं. इस अवसर पर शांति पटेल (माताजी) अजय पटेल अरुण , सुशील पटेल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त जनों की उपस्थिति रही।



