स्वच्छता अभियान में लवकुशनगर प्रदेश में 21वे स्थान से 120 स्थान पर आ पहुचा

स्वच्छता अभियान सर्वेक्षण 2020 में लवकुशनगर फिर फिसड्डी सबित हुआ
सर्राफ सागर तालाब अपनी दुर्दशा पर आशू बहता, जिम्मेदार अधिकारी कर रहे अनदेखी

लवकुशनगर। देश में स्वच्छता को लेकर रेंकिंग पद्वती चालू है जिसमें तमाम जिले, नगर परिषद, नगर पंचायत से लेकर जिला में स्वच्छता अभियान में अव्वल आने ही होड़ लगी है लेकिन नगर परिषद लवकुशनगर हमेशा स्वच्छता अभियान में फिसड्डी ही साबित होती आ रही है। जानकारी के अनुसार पूर्व में नगर परिषद प्रदेश में करीब 21वें स्थान पर थी लेकिन वर्तमान सर्वेक्षण सूची में 120 वें स्थान पर आ गई । हकीकत यह भी है नगर के बार्डो, प्रमुख मार्गो में कचड़े के बड़े बड़े ढ़ेर देखने को मिलते है नालियो की साफ सफाई महीनो नही हो पाती है इस संबंध में समाचार पत्र में प्रकाशन के बाद कलेक्टर के हस्ताक्षेप के बाद नालियो की सफाई की गई थी ।
गौरतलब है कि नगर में बार्डो के अंदर जाने के बाद यह समझ नही आता है कि नगर में या फिर किसी गाॅंव के अंदर प्रवेश कर चुके है चूकि रोडो में गंदा पानी बहता रहता है और कचड़े के ढ़ेर लगे रहते है। बात अगर की जाये तो अनेको बार्डो में नालिया ही नही है जहाॅं बनी है वह नालियो का पानी रोडो में बहता रहता है ।
उपयंत्री गोकुल प्रसाद प्रजापति ने बताया कि नगर परिषद लवकुशनगर स्वच्छता सर्वेक्षण सूची में प्रदेश में 120 वें, जिले में करीब 6 वेें स्थान पर है।
सर्राफ सागर तालाब का पानी गंदे नाले के तरह हो चुका –
सर्राफ सागर तालाब नगर के हृदय में बसता है सर्राफ सागर तालाब से बार्ड 1, 02, 04 सहित बस स्टेण्ड, तलैया मुहाल तक के वाटर लेविल को बनाये रखता है इसके बावजूद भी जिम्मेदार अधिकारियो की उदासीनता के कारण सर्राफ तालाब अपनी दुर्दशा पर आसू बहता नजर आता है। सर्राफ सागर तालाब का पानी अब पूरी तरह से गंदे नाले के पानी की तरह हो चुका है ।
सर्राफ तालाब के सौन्दर्यीकरण की बात तो छोड़े लाखो खर्च करके गेट विधिवत रुप से बनवाया लेकिन आज तक गेट की पुताई तक नही हो पाई एक गेट का पल्ला आज भी टूॅटा पड़ा हुआ ।



