गाय, गौमूत्र और गोबर हमारी संस्कृति का हिस्सा हैं, अपमान बर्दाश्ते नहीं करेंगे
जबलपुर दर्पण। आज भारत में विभिन्न राज्यों के राजनेताओं द्वारा अपने बयानों और सोशल मीडिया के माध्यम से फैलाई जा रही कड़वाहट से भारत अलग-अलग राज्यों के नागरिकों में आपसी बैर दिखाई देता है। अपने क्षेत्रों में अपने हितो को साधने और प्रभाव बढ़ाने नेता दूसरे क्षेत्र या प्रदेश को अपमानित करने लगे है जिससे आज भारत की जनता में एक विभेद दिखाई देने लगा है। भारत को विभिन्न धर्मों, भाषाओं, परंपराओं और पहनावों की वजह से “अनेकता में एकता ” वाला देश कहा जाता रहा है। पर क्षेत्रिय राजनीति करने वालें नेताओं के भड़काऊ बयानों से देश की एकता में फूट पड़ती दिखाई दे रही है। अभी हाल ही में तमिलनाडू के मुख्य मंत्री एम के स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन ने अपने संबोधन में सनातन धर्म पर विवादित बयान देते हुए कहा था- “सनातन धर्म को खत्म कर देना चाहिए । जिस पर देश भर के हिंदीभाषी क्षेत्रों और सनातनियों में रोष व्याप्त हो गया और हिंदी प्रदेशों के नेताओं द्वारा इस बयान पर प्रतिक्रिया दी जाने लगी जिस पर उदयनिधि द्वारा माफी मांगने से इंनकार कर दिया गया।
यह मामला ठंडा हुआ नहीं कि स्टालिन की ही पार्टी से सांसद सेंथिल कुमार ने अपने संबोधन में हिंदीभाषी प्रदेशों को “गौमूत्र प्रदेश” कह दिया जिस पर फिर हिंदीभाषी क्षेत्रों के नेता नाराज हैं और सेंथिल कुमार पर अपनी प्रतिक्रियाएं देते हुए कार्यवाही की मांग कर रहें है। इसी क्रम में इंडियन पीपुल्सं अधिकार पार्टी के संस्थापक पं पुरुषोत्तम तिवारी ने सेंथिल कुमार के इस बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि- यदि दक्षिण भारतीयों को मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, गुजरात, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, बिहार और झारखंड गौमूत्र प्रदेश लगते हैं तो सभी दक्षिण भारतीय जो हिंदीभाषी प्रदेशों में रह रहें हैं उन्हें तुरंत ही अपने प्रदेशों में लौट जाना चाहिए, हमें अपनी गाय, गौमूत्र और गोबर पर गर्व है जो हमारी संस्कृति का हिस्सा है। यदि दक्षिण भारतीय अपने प्रदेशों को नहीं लौटेंगे तो इंडियन पीपुल्स् अधिकार पार्टी सभी हिंदीभाषी प्रदेशों में “दक्षिण भारतीय वापस जाओं” का चरणबद्ध आंदोलन प्रारंभ करेगी। हम हिंदू धर्म का अपमान करने वालों को नहीं बक्शेगें।



