थाना माढ़ोताल अंतर्गत हुई सनसनीखेज अंधी हत्या का खुलासा

जबलपुर दर्पण। थाना माढेाताल अंतर्गत दिनंाक 1-12-23 को ग्रीन सिटी कठौंदा कम्पोस्ट प्लांट के पास तालाब के किनारे पानी में एक व्यक्ति का शव उतराने की सूचना पर थाना प्रभारी माढ़ेाताल विपिन ताम्रकार हमराह स्टाफ के पहुंचे जहॉ हरकेश साहू उम्र 28 वर्ष निवासी लमती माढोताल ने बताया कि वह ग्रीनसिटी कम्पोस्ट प्लांट में सुपरवाईजर है सुवह लगभग 11 बजे उसके कर्मचारी मानव घसिया ने फोन पर बतया कि कम्पोस्ट प्लांट के पास तालाब किनारे पानी में एक लाश ओंधी ऊपर तैर रही है उसने जाकर देखा प्लांट के पास बने तालाब के किनारे पानी में एक अज्ञात व्यक्ति उम्र लगभग 30-35 वर्ष का शव ओंधा उतरा रहा था। मृतक के सिर एवं माथा आधा चेहरा नीचे मफलर एवं ऊपर टावल से कसकर बंधा हुआ तथा काले रंग की टीशर्ट एवं अंडरवियर एवं पेंट घुटने के नीचे है, शव फूला हुआ लगभग 2-3 दिन पुराना प्रतीत हो रहा था।अज्ञात मृतक की शिनाख्तगी कें प्रयास किये गये जिस पर परिजनों द्वारा मृतक की शिनाख्त अनिराज नायडू उर्फ अन्ना पिता स्व. अरूण नायडू उम्र 34 साल निवासी पीर बक्स लाईन रसल चौक के पास थाना ओमती के रूप में की गयी है । पंचनामा कार्यवाही कर शव को पीएम हेतु भिजवाते हुये मर्ग कायम कर जांच में लिया गया।मर्ग की जाँच के दौरान संज्ञान में आया कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा मृतक अनिराज नायडू उर्फ अन्ना को फायर आर्म्स से सिर में गोली मारकर हत्या की गई है व अपराध सबूत छिपाने की नियत से मृतक का चेहरा कपडे से बांधकर उसके शव को कठौंदा कंपोस्ट प्लांट के तालाब में फेंक दिया गया है। थाना माढ़ोताल में अज्ञात के विरुद्ध अपराध क्रं. 903/2023 धारा 302,201 भादवि. कायम कर विवेचना में लिया गया।
घटित हुई घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक जबलपुर आदित्य प्रताप सिंह (भा.पु.से.) के द्वारा उक्त घटना कारित करने वाले अज्ञात आरोपी की तलाश पतासाजी किए जाने हेतु अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर दक्षिण श्री कमल मौर्य एवं उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) श्री भगत सिंह गौठरिया के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी माढ़ोताल श्री विपिन ताम्रकार के नेतृत्व में टीम गठित कर लगायी गयी।
उल्लेखनीय है कि मृतक अनिराज नायडू उर्फ अन्ना पिता स्व.अरूण नायडू उम्र 37 साल निवासी आयुष्मान अस्पताल के सामने रसल चौक थाना ओमती की मृत्यु कब व किस स्थान पर हुई इस संबंध में कोई जानकारी नही थी । प्रकरण की विवेचना के दौरान मृतक की शिनाख्तगी पर यह पाया कि मृतक अपराधिक प्रवृत्ति का था जिसके विरुद्ध जबलपुर के विभिन्न थानों में अपराध पंजीबद्ध थे तथा मृतक की शत्रुता कई लोगो से थी, मृतक के परिजनो के द्वारा किसी भी व्यक्ति पर स्पष्ट शक संदेह जाहिर नही किया जा रहा था ।



