रोहन उर्फ बच्चा के हत्यारों को फांसी की सजा परिवार को बीस लाख रूपये दिए जाए

जबलपुर दर्पण। साहब निवेदन है कि मैं किसन चौधरी अपने परिवार के साथ जिसमें मेरी पत्नी तीन पुत्री तथा एक पुत्र रोहन चौधरी के साथ चांदमारी में रहता हूँ मेरे ही मोहल्ले में लक्खू चौधरी अपने परिवार तथा पत्नी निकीता राजभर के साथ रहता था लक्खू चौधरी अपनी पत्नी निकीता को बहुत ज्यादा प्रताणित करता था दिनांक 13/12/2023 को मेरा लड़का रोहन चौधरी के साथ लक्खू चौधरी की पत्नी निकीता अपनी सहमती से भाग गये,vलक्खू चौधरी क्रिमीनल टाईप का व्यक्ति है उसके डर से हम लोगों ने अपना चांदमारी का घर बन्द करके प्रेम सागर पुलिस चौकी के पास मुन्ना सोनकर के मकान में किराये से रह रहे थे, दिनांक 22/01/2024 को करीबन 12:00 बजे से 12:30 बजे के दरम्यान मेरा लड़का रोहन अपने जीजा रिंकू मसीह के साथ मोहल्ले में सतीश के घर पैदल जा रहे थे, कुछ देर बाद मेरा लड़का रोहन खून से लथपत भागता हुआ मेरे पास घर में आकर रोड पर गिर गया, मैंने उससे पूछा क्या हो गया किसने मारा तो उसने बताया कि वह जीजा रिंकू के साथ सतीश के घर जा रहा था उसी दौरान तीन लोग मोटर सायकल से आये और दुर्गा पान भंडार के पास गुटुल चौधरी ने उसे पकड़ लिया और लक्खू चौधरी ने जान से मारे डालने के लिये चाकू से सीने तथा सिर पर मारा है ऐसा मेरे लड़के रोहन ने बताया था। मेरे लड़के रोहन के सीने तथा सिर में पीछे तरफ चाकू लगने से गहरा घाव होने के कारण ज्यादा खून निकल रहा था मैं तुरन्त अपने लड़के रोहन को उठाकर मुकेश बंशकार के साथ ई-रिक्शा से विक्टोरिया अस्पताल ले गया वहां से डाक्टर साहब ने मेडिकल अस्पताल के लिये रेफर कर दिया मेडिकल अस्पताल में इलाज के दौरान करीबन तीन-चार बजे मेरे पुत्र रोहन चौधरी की दर्दनाक मृत्यु हो गई, हनुमानताल पुलिस थाने के द्वारा घटना की सी.सी.टी. वी. फुटेज मेरे दामाद राहुल मिश्रा तथा मुझे तथा बैन समाज के एक अन्य व्यक्ति को दिखाया था जिसमें साफ दिखाई दे रहा है कि लक्खू चौधरी, गुठ्ठ्ठल चौधरी, रोहन चौधरी मारते व पकडते दिख रहा है तथा एक अन्य व्यक्ति इन्हीं के पास खड़ा है तथा उनकी गाड़ी भी चौकी में जमा है, श्रीमान् जी दिनांक 13/12/2024 से ही सुनील उर्फ लक्खू चौधरी द्वारा मेरे मकान पर ताला लगाकर अवैध कब्जा कर लिया गया था जिसकी थाना घमापुर में शिकायत की गई थी तथा मेरे पुत्र की हत्या की आशंका बताया गया था परन्तु सम्बन्धित अधिकारी द्वारा गंभीरता से नहीं लिया गया मेरे पुत्र की हत्या लक्खू चौधरी तथा उसके साथियों द्वारा कर दिया गया। वर्तमान में भी सुनील उर्फ लक्खू चौधरी का ताला मेरे घर पर लगा है, रोहन उर्फ बच्चो चौधरी अपने पिता किशन चौधरी की इकलौती संतान था जो कि अभी 18 वर्ष का नहीं हुआ था रोहन की हत्या हो जाने के कारण उसके पिता किसन चौधरी तथा माता कुसुम चौधरी का जीवन अत्यन्त कष्टदायी हो गया है, महोदय बेलबाग से निवेदन है कि रोहन चौधरी के हत्यारों को तुरन्त गिरफ्तारी कराके उन्हें फांसी की सजा दी जाये, रोहन चौधरी के वृद्ध माता पिता किशन चौधरी एवं कुसुम चौधरी को जीवन यापन करने के लिये 20,00,000/- बीस लाख रूपये दी जाये ताकि वह अपने जीवन का गुजर बसर कर सकें,आवेदक किशन चौधरी ।



