वरिष्ठ परिजनों के सम्मान के साथ 41 वां गायत्री शक्तिपीठ स्थापना दिवस संपन्न

जबलपुर दर्पण। परम पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी के करकमलों द्वारा 41 वर्ष पूर्व 1982 में स्थापित की गई गायत्री शक्तिपीठ, मनमोहन नगर जबलपुर में आज सामाजिक सरोकार से संबंधित कार्यों के लिए पूरे भारतवर्ष में जानी जाती है , जिसके लिए उसे श्रेष्ठ शक्तिपीठ का सम्मान भी प्राप्त हुआ है। स्थापना दिवस के उपलक्ष्य पर 3 घंटे का सामूहिक जप, पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ एवं शक्तिपीठ की स्थापना के समय सक्रिय रहे वरिष्ठ परिजनों का विशेष सम्मान समारोह गायत्री शक्तिपीठ पर आयोजित किया गया। इस गायत्री शक्तिपीठ के मुख्य ट्रस्टी से बी.बी. शर्मा द्वारा बताया गया कि शक्तिपीठ द्वारा प्रतिवर्ष ढाई सौ से अधिक दहेज रहित विवाह बिना किसी जाति -पातिं भेदभाव के गायत्री शक्तिपीठ में संपन्न कराए जाते हैं ! 125 से अधिक गांवों एवम आसपास के क्षेत्र में हजारों व्यक्तियों को नशा मुक्त किया गया। भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में 18000 से अधिक बच्चों को शामिल कर उन्हें एक नई दिशा प्रदान की गई एवं वॉइस ऑफ प्रज्ञा की टीम द्वारा बच्चों को निशुल्क संगीत से संस्कार की ओर ले जाने का कार्य किया गया। विक्टोरिया ,मेडिकल एवं एल्गिन अस्पताल में नित्य 100 मरीजों और उनके सहायक लोगों को निशुल्क भोजन वितरण की व्यवस्था भी की जाती है। वृक्षारोपण अभियान के तहत 2500 से अधिक पौधों का रोपण प्रत्येक वर्ष गायत्री परिवार द्वारा विभिन्न ग्रामों एवं आसपास के क्षेत्र में किया जाता है।
श्री गोविंद श्रीवास्तव, प्रेम शंकर तिवारी, नरेश तिवारी, अरविंद श्रीवास्तव, प्रकाश मूरजानी, प्रमोद राय के द्वारा इस कार्यक्रम में विशेष सहयोग प्रदान किया गया। कार्यक्रम के अंत में कार्यकारिणी संयोजक श्री सीताराम त्रिपाठी द्वारा सभी का धन्यवाद व्यक्त किया गया !



