डिंडोरी दर्पणमध्य प्रदेश

जांच में उपयंत्री, सचिव, रोजगार की खुली पोल, जमा नहीं करा रहे वसूली की राशि

डिंडोरी,जबलपुर दर्पण ब्यूरो। जिले के जनपद पंचायत डिंडोरी अंतर्गत ग्राम पंचायत कनई सांगवा में उपयंत्री, सचिव व रोजगार सहायक के द्वारा की गई भ्रष्टाचार की जांच के बाद पोल खुल गई है। बताया गया कि जहां गठित जांच टीम ने ग्राम पंचायत के जिम्मेदार सचिव, रोजगार सहायक व उपयंत्री ऋषभ सिक्का को दोषी माना है। जांच टीम ने पाया कि निर्माण कार्यों में मनमानी की गई, बिना अनुमति के ही पुलिया को क्षतिग्रस्त बताकर तोड़ दिया गया, जबकि उसी पुलिया के ऊपर ही नवनिर्माण स्टॉप डेम बनवा दिया गया, जिससे कि शासन को लाखों का नुकसान होना पाया गया है।जांच टीम ने दोषी बताते हुए जिम्मेदारों से वसूली के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को पत्रचार भी किया गया है। बताया गया कि जांच प्रतिवेदन वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपने के महीनों बाद भी जिम्मेदारों से वसूली की राशि जमा कराने कोई पहल नहीं हो रही, जिससे कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।

उपयंत्री ने अनुपयोगी स्थल पर खर्च करवा दी लाखों की राशि :- गौरतलब है कि भ्रष्टाचार करने की शिकायत के बाद जिला प्रशासन द्वारा एक जांच टीम गठित की गई। जांच टीम द्वारा मौके का निरीक्षण के दौरान पाया कि पुराने स्टॉप डेम को तोड़कर नवीन तालाब के नीचे लगभग 40- 50 मीटर की दूरी पर वाटर कंजर्वेशन का कार्य मनमानी पूर्वक कराया गया, जो अनुचित दिखाई दे रही है। बताया गया कि बनाए गए नव निर्माणाधीन पिंलिंथ के निचे से पानी का रिसाव होना भी जांच टीम ने पाया। जानकारी अनुसार मिलीभगत करके सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक व उपयंत्री के द्वारा 15 लाख रुपए कि स्वीकृति मैं 10 लाख 4 हजार 567 रुपए का व्यय कर लिया गया। जांच के बाद जिम्मेदारों से राशि वसूली के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को जांच प्रतिवेदन भेजा गया, लेकिन जिम्मेदारों से राशि जमा करने कोई पहल नहीं हो रही। आरोप है कि उपयंत्री ऋषभ सिक्का के अधिनस्थ कराए गए अधिकतर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर हमेशा से सवाल उठतें रहे हैं, जहां अधिनस्थ ग्राम पंचायतों में कमिशन खोरी हमेशा हावी रही है।

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