मध्य प्रदेशसतना दर्पण

कलेक्टर की आंखों में धूल झोंककर जारी है वारा न्यारा

न्यायालय आदेश को खनिज माफिया ने दिखाया ठेंगा

सतना। कलेक्टर न्यायालय से जारी आदेश कागजों में ही दम तोड़ देता है। जिलाधीश की आंखों में धूल झोंककर खनिज माफियाओं का समूह जमकर वारा न्यारा कर रहा है। जिला खनिज विभाग हमेशा माफियाओं को संरक्षण देने का काम करता है, इसलिए आदेश को सरेराह ठेंगा दिखाने का खेल नियमित रूप से किया जाता है। कलेक्टर न्यायालय ने अपने जारी आदेश में कहा था कि बिरसिंहपुर तहसील के ग्राम विटमा में प्राचीन त्रेतायुग कालीन सिद्ध बाबा के आसपास 100 मीटर में किसी तरह का खनन नहीं किया जाएगा। चबूतरे के आसपास भारी मात्रा में उम्दा किस्म का बॉकसाइट, 45% एल्युमिना लेटेराइट की ईटीपी जनरेट कर, करोड़ों रुपए का शासन को चूना लगा रहे हैं।‌

और ऐसे 7 करोड़ रुपए की रॉयल्टी यहां चोरी-सतना जिले के बिरसिंहपुर तहसील के ग्राम विटमा, चितगढ, रामनगर देव मऊ दलदल में लेटेराइट के नाम पर कलेक्टर न्यायालय के आदेश 10 एकड़ भू प्रवेश स्वीकृत में न कोई आरसीसी पिलर, तार, पानी, वृक्ष आदि कोई भी कार्य सीएस आर के तहत आज तक कोई काम नहीं किया गया है। भू प्रवेश स्थल के बगल में खनन करते हुए करीब 7 करोड़ रुपए रायल्टी की चोरी को अंजाम दिया गया है। विटमा खदान के नाम पर स्वीकृत भू प्रवेश संचालित दिनांक से आज तक कितने हाईवा पकड़े गए, वन विभाग ने कई बार प्रकरण सेमरिया रीवा में दर्ज किया है।

लोडिंग वाहनों से जीपीएस गायब, धर्मकांटा दिखावा-हाईवा, डंफर और ट्रकों में जीपीएस सिस्टम सरकार ने अनिवार्य किया है। लेकिन खनिज का कारोबार करने वाले लोग बिना जीपीएस सिस्टम वाले वाहनों का इस्तेमाल बहुतायत करते हैं। वाहनों में ओवरलोडिंग खनिज का वजन कभी धर्मकांटा में नहीं किया जाता है। स्वीकृत क्षेत्र के अलावा खाली पड़ी जमीनों को पटवारी, तहसीलदार, एसडीएम, कोटवार, सरपंच, सचिव, खनिज निरीक्षक के सहयोग से खोखला किया जाता है। जब मास्टरमाइंड विक्रम पाठक धारकुंडी थाने में पदस्थ रहे तब विक्रम सिंह और खनिज माफिया पाठक लेटेराइट को ठिकाने लगाते थे। वन विभाग द्वारा शासकीय तालाब से मुन्ना सिंह, अशोक दि्वेदी, नरेंद्र सिंह, पयासी, रामजी द्वारा नेपाल ट्रक नंबर पर मूर्ति भरकर चली गई। बैंक स्टेटमेंट से वास्तविक खुलासा हो जाएगा। स्वीकृत उत खनित पट्टा क्षेत्र विरुद्ध वार्षिक, अर्धवार्षिक विवरणिया, खनिज निरीक्षक द्वारा कर निर्धारण किया जाता है।

खनिज के साथ साथ टैक्स चोरी में नंबर वन-सतना जिले में खनिज माफिया पर कंट्रोल करना पुलिस और प्रशासन के बस की बात नहीं है। खनन माफिया खनिज के साथ साथ टैक्स चोरी को बराबर अंजाम दे रहा है। वैष्णवी इंटरप्राइजेज, नीतू सिंह इंटरप्राइजेज, आस्था रोड लाइंस, श्रद्धा इंटरप्राइजेज, आदर्श इंटरप्राइजेज के बीच कितने का विक्रय कर कितनी राशि प्राप्त की गई, इसका वास्तविक उल्लेख नहीं किया जाता। माफिया यहां पर खनिज संपदा के साथ साथ कर चोरी को अंजाम देते हैं। आयकर विभाग जांच करे तो माफियाओं के चेहरों पर पड़ा नकाब स्वयं हट जाएगा। कुल मिलाकर खनिज और टैक्स दोनों की चोरी शातिराना अंदाज में माफियाओं का समूह करता है।

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