मृत भाई के शव के साथ मेडिकल कैजुअल्टी के बाहर रोते रहे विनोद, मोक्ष आश्रय ने दी मदद

जबलपुर दर्पण। जबलपुर के घमापुर क्षेत्र में रहने वाले दो भाई, विनोद और प्रमोद बेंजमीन की दुखभरी कहानी सामने आई है। दोनों भाई पिछले कई सालों से अपने माता-पिता के निधन के बाद फुटपाथ पर जीवन बसर कर रहे थे। 19 वर्षीय विनोद बेंजमीन और उनका बड़ा भाई प्रमोद बेंजमीन कबाड़ का काम करते थे और उसी से अपना पेट पालते थे।
कुछ दिनों से प्रमोद बीमार था, और उसकी हालत बिगड़ने पर विनोद उसे किसी तरह मेडिकल अस्पताल लेकर गया। लेकिन वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने प्रमोद को मृत घोषित कर दिया। प्रमोद के शव के साथ विनोद अस्पताल के बाहर घंटों रोते रहे और मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन कोई भी उनकी मदद के लिए सामने नहीं आया।
इस बीच, मोक्ष मानव सेवा समिति के सदस्य आशीष ठाकुर को इस घटना की सूचना मिली। उन्होंने तुरंत मोक्ष आश्रय की टीम को विनोद की मदद करने के लिए भेजा। विनोद को मोक्ष आश्रय में लाकर, वहां के बुजुर्गों ने उसे मानसिक और भावनात्मक सहारा दिया। मोक्ष टीम ने विनोद के मृत भाई प्रमोद का अंतिम संस्कार तिलवारा घाट पर किया।
विनोद का दर्द और संघर्ष
विनोद का कहना था कि उनके पास इलाज के लिए जरूरी संसाधन नहीं थे। डॉक्टरों ने जब उनसे पूछा कि क्या उनके पास आयुष्मान कार्ड है, तो इसका जवाब न में था। इलाज के अभाव में उनके भाई की जान चली गई। विनोद का कहना था कि उनका भाई फुटपाथ पर मरने वाला तीसरा सदस्य है—पहले माता-पिता और अब उनका भाई।
विनोद की स्थिति को देखते हुए मोक्ष आश्रय ने उसे पूरी मदद का आश्वासन दिया और उसका सहारा बने। मोक्ष आश्रय समिति के सदस्यों ने इसे अपनी जिम्मेदारी माना और विनोद को हर संभव सहायता प्रदान की।
समिति का योगदान
मोक्ष मानव सेवा समिति ने केवल विनोद की मदद नहीं की, बल्कि इस कठिन समय में उसे मानवीय सम्मान और सहारा भी प्रदान किया। इसके अलावा, समिति ने उसी दिन एक और महत्वपूर्ण कार्य किया। अंधमुख बाईपास से एक लावारिस महिला को सड़क किनारे पड़ी हुई देखा। अगर उसे समय पर मदद नहीं मिलती, तो वह बड़ी दुर्घटना का शिकार हो सकती थी। मोक्ष टीम ने उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और उसकी देखभाल की।
समिति के सदस्य और सहयोग
इस राहत कार्य में मोक्ष मानव सेवा समिति के सदस्य आकाश कोरी, नीरज मिश्रा, प्रशांत निषाद, नीरज शर्मा, तेज प्रताप, केशव जी, शुभम सोनी, निशांत पटेल, बिटू कोरी, अमन पटेल और सैलू पटेल जैसे समर्पित कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।



