भारतीय निवेश बाजार में हड़कंप, एसआईपी पर असर-मंदी की आहट तेज – इंडियन पीपुल्स अधिकार पार्टी

जबलपुर दर्पण । इंडियन पीपुल्स अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और संस्थापक डॉ. पुरुषोत्तम तिवारी ने हाल ही में निवेशकों के बीच बढ़ती घबराहट और म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री पर मंडरा रहे संकट के बारे में गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान के तहत म्यूचुअल फंड में किए जाने वाले निवेश में हालिया गिरावट ने निवेश बाजार में हलचल पैदा कर दी है।एसआईपी एक लोकप्रिय निवेश रणनीति है, जिसमें निवेशक नियमित अंतराल पर म्यूचुअल फंड में निश्चित राशि का निवेश करते हैं। लेकिन हाल के दिनों में एसआईपी खातों के बंद होने का सिलसिला तेज हो गया है। जनवरी 2025 में 61.33 लाख एसआईपी खाते बंद हुए, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इससे पहले दिसंबर 2024 में 45 लाख और मई 2024 में 44 लाख एसआईपी खाते बंद हुए थे।बाजार की अस्थिरता के कारण निवेशक पहले के मुकाबले अब छोटे उतार-चढ़ाव से घबराकर अपने एसआईपी खाते बंद कर रहे हैं, जो म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के लिए चिंता का कारण बन रहा है।डॉ. तिवारी ने कहा कि एसआईपी को निवेश की पहली सीढ़ी माना जाता है और यदि ये बंद होने की प्रवृत्ति जारी रही, तो म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री को एक गंभीर संकट का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि निवेशकों को घबराने के बजाय, बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए लंबी अवधि की निवेश रणनीति अपनानी चाहिए।डॉ. पुरुषोत्तम तिवारी ने सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी सवाल उठाए और कहा कि भारत में आर्थिक संकट के आसार हैं। उन्होंने बताया कि 1.5 करोड़ से अधिक SIP बंद होने से निवेशकों का विश्वास गिर रहा है, और यह भारत के आर्थिक भविष्य के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है।यह स्थिति भारतीय निवेशकों और म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा संकेत है कि यदि जल्द ही इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो इसका असर आने वाले समय में और भी अधिक हो सकता है।



