निराशाजनक बजट से आम आदमी हुआ मायूस: कांग्रेस।

निजी करण की ओर अग्रसर हो रही है व्यवस्था।
जबलपुर। सरकार के द्वारा पेश किए गए बजट पर लोगों की मिली जुली प्रतिक्रिया सामने आने लगी है इसी कड़ी में प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता टीकाराम कोस्टा ने मीडिया से बात की।
केंद्र सरकार द्वारा पारित बजट में जहां उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने की स्पष्ट झलक दिखायी दे रही है, वहीं आम आदमी को इस बजट में मायूसी मिली है। बजट में मध्यप्रदेश को अनदेखा किया गया है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता टीकाराम कोष्टा ने आज केंद्र द्वारा पारित बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए व्यक्त कहा कि केंद्र सरकार द्वारा आज पेश किये बजट से देश की जनता को बहुत उम्मीदें थी, लेकिन बजट में आम आदमी को राहत देने के लिए कुछ नहीं है। बजट में युवाओं को रोजगार की कोई बात नहीं की गई है। जहां पेट्रोल-डीजल पर कृषि सेस लगाकर किसानों को बड़ा झटका दिया गया है वहीं मोबाईल जैसे उपकरणों को मंहगा कर और रीचार्ज पर ड्यूटी लगाकर आम आदमी की जेब पर बोझ डाला गया है। आज निम्न से लेकर उच्च स्तर तक की शिक्षा बगैर मोबाईल के नहीं होती, रोजगार-धंधे बगैर मोबाइल के नहीं चलते, यहां तक कि केशलेस व्यवस्था को मोबाईल से जोड़ा गया है, वहीं मोबाइल और उसका रीचार्ज महंगा करने से आम आदमी पर बोझ डाला है। सोलर लेंप के दाम बढ़ाये गये, आटो पाट्स पर कस्टम ड्यूटी लगायी गई है।
श्री कोष्टा ने कहा कि जहां रोजमर्रा की वस्तुओं पर बजट में कोई राहत नहीं मिली है, वहीं रसोई गैस के दाम तो पहले से ही आसमान छू रहे हैं अब सबसे महत्वपूर्ण खाने के तेल को महंगा कर महिलाओं की रसोई पर अतिरिक्त बोझ डाला गया है।
रेल्वे, बैंक, बंदरगाह, एयरपोर्ट तथा अन्य शासकीय सेवाओं को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी इस बजट में स्पष्ट दिखायी दे रही है। कौरौना काल के बाद आम आदमी उम्मीद कर रहा था कि सरकार बजट के माध्यम से टैक्स में छूट और राहत देने का काम करेगी पर उसे निराशा ही मिली है ।कुल मिलाकर यह बजट केवल उद्योगपतियों को खुश करने और आम आदमी के लिए निराशाजनक बजट है।



