पाटन मझोली विधान सभा क्षेत्र के चुनें हुयें जनप्रतिनिधियो एवं उनके करीबियों से किसान “त्रस्त” नेता “मस्त”

जबलपुर दर्पण/पाटन नगर संवाददाता :- पाटन विधान सभा क्षेत्र की मूल-भूत सबसे बड़ी जटिल समस्या अच्छे स्वास्थ्य,शिक्षा,बिजली, पानी,एवं कृषि से संबंधित है। चूकि पाटन को मिनी पंजाब भी कहा जाता हैं। और यहाँ के किसान दो से तीन-तीन फसल निकालते है। यहाँ बहुत अधिक मात्रा में अनाज की पैदावार होती हैं। जिसके कारण यहाँ अनाज माफ़िया सक्रिय हैं। इस गोरख धन्धे में सफ़ेद कलर वाले जनता से चुनें जनप्रतिनिधि शामिल हैं। जिसके कारण यहाँ अनाज माफिया का बोल वाला रहता है। किसानों की तैयार फसल का खेत पर ही ओने पौने दामों पर सौदा तय हो जाता हैं। ये चैन नीचे से लेकर सत्ता के शिखर तक इस नेटवर्क के तार जुड़े हैं। इनके रसूक के आगे किसी की नही चलती। ऐसा ही एक मामला हैं। मूँग खरीदी केन्द्र करारी सिमरिया का, यह मूँग खरीदी केन्द्र ही लापता हो गया विगत 10 से 15 दिन से जिन किसानों को SMS में जिस वेयरहाउस का नाम आया जब किसान अपनी उपज लेकर वहाँ गए तो गोडाउन पर ताला लगा मिला एवं किसी ने जानकारी नही दी और न ही कोटवारो द्वारा किसानों को जानकारी दी गई और यहां बिचौलियों का माल एमएसपी पर खरीद कर गोडाउन में भर दिए गए जब आपके द्वारा चुने गये जन प्रतिनिधि अपने करीबी लोगों के साथ खरीदी करेगे और उनका लक्ष्य सेवा ना होकर व्यापार होगा तो निश्चित ही विधानसभा में निवास करने वाले किसानों का भला नही हो सकता हैं। इसलिये आप सेवक चुनें व्यापारी नहीं



