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कूम्ही बीड़ी कारखाना पहुंचकर प्रबंधक से ठेकेदार व श्रमिकों ने काम शुरू करने की लगाई गुहार

रमेश कुमार बर्मन,सिहोरा/खितौला।कोरोना वायरस संक्रमण महामारी और लाकडाउन के दौरान 22 मार्च से बीड़ी कारखाने में ताला लगा हुआ है । इस बीड़ी कारखाने में ठेकेदार , रिलाई श्रमिक, बीड़ी कारीगर सहित करीब 1000 बीड़ी श्रमिक काम कर रहे हैं । इस कारखाने में 50 दिनों से काम बंद होने के कारण बीड़ी श्रमिकों की रोजी रोटी का संकट हो गया है । इस तरह लाकडाउन के दौरान हजारों परिवार का रोजगार खत्म हो गया है। इस कारखाने में 50 गांव के श्रमिक बीड़ी कारखाने में काम करने आ रहे थे। इस दौरान कारखाने से दो वक्त की रोजी-रोटी की व्यवस्था होती थी। लेकिन बीते 50 दिनों में कारखाने में हुई तालाबंदी के कारण हजारों श्रमिक भूखे मरने की कगार में पहुंच गए हैं। कुम्ही सतधारा में पिछले करीब 80 वर्षो पूर्व से स्वर्गीय मोहनलाल हरगोविंदास जबलपुर के नाम से बीड़ी कारखाना संचालित किया जा रहा है। इस बीड़ी कारखाने में 50 गांव के श्रमिक काम कर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं । कूम्ही सतधारा में स्थित बीड़ी कारखाना के गेट के सामने रविवार को सुबह 10:30 बजे बीड़ी श्रमिक और ठेकेदारों का एक समूह बीड़ी कारखाना प्रबंधक सुरेश कुमार विश्वकर्मा से मुलाकात कर कारखाना शुरू करने की मांग को लेकर गुहार लगाई है । और बीड़ी कारखाना शुरू करने के लिए मुस्ताक अली ,युसूफ खान, सुरेंद्र कुमार, शौकत अली, कमलेश प्रसाद पटेल, कांताबाई, मुन्नी बाई, सगीर अहमद, संजीव राय ,जमुना बाई, जवाहरलाल, गोविंद पटेल, हराने मोहम्मद, ठेकेदार व श्रमिकों ने प्रबंधक से कारखाना शुरू करने की मांग किया है ।
सेंट्रल इंडिया टोबैको लिमिटेड बीड़ी कारखाना प्रबंधक सुरेश कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि लाकडाउन के चलते 22 मार्च से बीड़ी कारखाना बंद है।

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