भाजपा आम जनता को ढकेल रही गुलामी की ओर

भाजपा जनता को ढकेल रहे गुलामी की ओर कॉग्रेस के विधायक नारायण सिंह पट्टा ने लगाया आरोप
मण्डला। बिछिया विधायक नारायण सिंह पट्टा ने भाजपा और आरएसएस के लोगो पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान में ये लोग जनता को गुलामी की ओर ढकेलने का काम कर रही है। उद्योग पतियों को बढ़ानें में पूरा सहयोग वर्तमान सरकार कर रही हैं। इनकों जनता से कोई सरोकार नही हैं उन्होंने कहा कि 10-10 हजार का सूट पहनने वाले भाजपा के नेता को राह चलती जनता नही दिख रही है जो सैकड़ो किलोमीटर पैदल चलकर अपने घर पहुंच रहे हैं। बिछिया विधानसभा के विधायक नारायण सिंह पट्टा ने कहा कि पहले हम अंग्रेजो के गुलाम थे अब उद्योगपतियों के गुलाम होंगे। उन्होंने कहा कि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार सबसे ज्यादा परेशान हैं। क्या सरकार के पास इतने साधन नही थे जो गरीबो को एक महीने उसी स्थान पर भोजन उपलब्ध नही करा पाए।
फंसे लोगो को वहीं खाना नही दें सकती थीं क्या सरकार ?
श्री पट्टा ने कहा कि इनकी नाकामी के कारण देश का मजदूर वर्ग जो बड़े स्तर पर हैं। जिसके पांव में छाले पड़ गए पैदल चलते-चलते और खून के आंसू भी रोने पड़े साथ ही अनेकों ने अपनी जान गवा दी। श्री पट्टा ने सीधा आरोप लगाया कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शिवराज सरकार एवं भाजपा के लोग इस महामारी की आड़ में सिर्फ अपनी रोटी सेंकी हैं। जो सरकार फंसे हुए लोगो को एक माह का भोजन नही करा सकती वह विकास की बात करती हैं। वर्तमान में सरकार सिर्फ उद्योगपतियों के लिए काम कर रही हैं। जनता से इनकों कोई सरोकार नही है। बिछिया विधायक ने कहा कि विगत लंबे समय से हुए देश में लॉकडाऊन के कारण देश का मध्यम एवं गरीब नागरिक परेशान हैं। ऐसे लोगो के लिए सरकार के द्वारा कोई भी राहत नही दी जा रही है। बहुत से व्यवसाय चौपट हो चुके हैं। लाखों की संख्या में लोगा बेरोजगार हो गए। सिर्फ उद्योगपतियों के लिए राहत पैकेज बनाए जा रहे हैं।
लाखों की तदाद पर मजदूर करते हैं पलायन
बिछिया विधायक ने भाजपा सरकार के ऊपर आरोप लगाते हुए कहा कि, क्या वह नागरिक देश के बाहर का था, जो पैदल चलकर भूखे प्यासे अपने घर के लिए रवाना होना पड़ा। उन्होंने कहा कि देश की जनता सावधान हो जाए नही तो देश के प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री गुलामी की ओर ढकेल देंगे। लाखों करोड़ो की तदाद पर रोजगार की तलाश में पलायन हो रहा था। उसकी तस्वीर सामने आ गई है। उन्होंने कहा कि यहीं देश का विकास हैं जो जनता रोजगार की तलाश पर पलायन हुई थी वह भूखे प्यासे पैदल चलकर अपने घर पहुंची है। कोरोना महामारी के दौरान जो सरकार एक माह बाहर फसे लोगो को भोजन उपलब्ध नही करा सकती वह सरकार की विकास की बातें, यहॉ जाकर ढेर हो जाती है, क्योंकि लाखों कीव तदाद पर जो पलायन क्षेत्रों से होता है उससे एक तस्वीर और सामने आती है कि स्थानीय स्तर पर रोजगार लोगो को नही मिल रहा है।



