जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

ठेकेदार द्वारा वेतन देने की बजाय नौकरी से निकाल देने की दी जा रही है धमकियां

जबलपुर।जब से सरकारी विभागों में आउटसोर्स कर्मचारियों की परंपरा चल पड़ी है तब से कामगारों का शोषण भी बढ़ गया है। समय-समय पर इस तरह की बानगी देखने को मिलती है कि ठेकेदार के तहत काम करने वाले कर्मचारी वेतन और प्रोविडेंट फंड जैसी समस्याओं को लेकर जूझते रहते हैं। उन्हें ना तो समय पर वेतन मिलता है और ना ही उचित वेतन मिलता है। अधिकारियों को इस बात की कोई फिक्र नहीं होती कि कर्मचारियों को वेतन मिल रहा है या नहीं। ठेकेदार उनका शोषण करने पर उतारू रहते हैं। इसकी एक बानगी देखने को मिली s.p. ऑफिस जबलपुर में जहां कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी पवन सिक्यूरिटी एंड डिटेक्टिव प्राइवेट लिमिटेड जबलपुर के तहत पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड और पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड में कंप्यूटर ऑपरेटर और विभिन्न पदों पर कई वर्षों से कार्यरत कर्मचारी अपनी तनख्वाह को लेकर चिंता में है‌। उन्हें विगत 3 माह मार्च अप्रैल और मई का वेतन नहीं दिया गया। 5 माह का पीएफ दिसंबर 2019 से अप्रैल 2020 तक भी नहीं दिया गया। इस संबंध में कई बार कांटेक्टर और कार्यालय को सूचित किया परंतु वहां से कोई राहत नहीं मिल रही। कोविड-19 की इस विषम परिस्थिति में भी वे लगातार काम कर रहे हैं लेकिन उन्हें वेतन नहीं दिया जा रहा। परिवार आर्थिक तंगी का सामना कर रहा है कर्मचारियों को भरण पोषण के लायक पैसा भी नहीं मिल पा रहा है। इन तमाम समस्याओं को लेकर सभी कर्मचारी एसपी ऑफिस पहुंचे ताकि उन्हें कुछ राहत मिल सके। कॉन्टेक्टर अशोक कुमार खरे के द्वारा कर्मचारियों को वेतन की बजाय नौकरी से निकाल देने की धमकी दी जा रही है।

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