रोजगार सहायक को दो हजार देने के बाद भी नहीं मिला पीएम आवास

समनापुर जनपद के करेली गांव का मामला।

डिंडोरी/समनापुर। वैसे तो यह कहना गलत नहीं होगा कि शासकीय योजनाओं में लाभ लेने के लिए रिश्वत देना आम बात हो गई है, लोगों की माने तो शासकीय योजनाओं का लाभ तभी मिल पाता है,जब जिम्मेदारों को कमीशन मिले। ऐसा ही ताजा मामला समनापुर जनपद के साल्हेंघोरी ग्राम पंचायत में सामने आया है, जहां पोशाक ग्राम करेली के एक युवक ने रोजगार सहायक पर दो हजार लेने के बाद भी पीएम आवास योजना का लाभ अभी तक नहीं दिए जाने का आरोप लगाया है। पीड़ित प्रेम सिंह की माने तो रोजगार सहायक रेवा प्रसाद द्वारा दो साल पहले पीएम आवास योजना में लाभ देने के लिए दो हजार रुपए मांगे गए थे, पैसे देने की दो तीन साल बाद भी पीड़ित युवक को आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाया है, जिससे आज भी युवक कच्ची व जर्जर युक्त कच्ची मकान में रहने के लिए मजबूर है। पीड़ित की माने तो वह एक छोटे से कच्चे मकान में पति, पत्नी सहित दो बच्चे वर्षों से रह रहे हैं, जबकि भवन कच्चा है कभी भी धराशाई हो सकती है, बावजूद वर्षों में बनी समस्या का अब तक कोई समाधान नहीं हो पाया है, पीड़ित ने जल्द से जल्द शासन प्रशासन से पीएम आवास योजना का लाभ दिलाए जाने की मांग की गई है।
- पैसे लाओ तभी जुड़ेगा आवास सूची में नाम। करेली गांव के युवक प्रेम सिंह ने दो हजार रुपए देने के बाद भी पीएम आवास योजना का लाभ अभी तक युवक को नहीं मिल पाया है। ग्रामीणों की माने तो पीएम आवास योजना में नाम जुड़वाने के लिए रोजगार सहायक सहित ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों द्वारा पैसे लेकर पीएम आवास योजना की सूची में नाम जोड़े जाते हैं। आरोप लगाया गया कि रोजगार सहायक पीड़ित को ना तो पैसे वापस कर रहा है और ना ही पीएम आवास योजना का लाभ दे रहा है,जिससे पीड़ित परेशान हैं। बताया गया कि ग्राम पंचायत साल्हेंघोरी में रोजगार सहायक का बोलबाला है, गांव में ऐसे दर्जनों मामले सामने आ जाएंगे, जहां पीएम आवास योजना मैं नाम जुड़वाने के लिए रोजगार सहायक द्वारा मोटी रकम की वसूली की गई है, जबकि आज भी ऐसे कई हितग्राही हैं जिन्हें आवास योजना का लाभ अभी तक नहीं मिल पाया है।स्थानीय ग्रामीणों ने जल्द ही इस ओर ठोस पहल कर जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने की मांग की गई है।



