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अपनी ही दुकान से जबरन बाहर कर दिए गए दिलीप बेलानी।

दुकान के कागजात और चाबियां छीनने वालों के विरुद्ध अब तक कोई अपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं।



जबलपुर। क्या हो यदि किसी की चलती हुई दुकान से, उसे निकाल कर बेरोजगार कर दिया जाए? और वह व्यक्ति न्याय पाने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के चक्कर लगाता फिरे।
ऐसा ही एक मामला सामने आया है सेंट अलोयसियस कॉलेज के सामने स्थित दुकान ट्रिपल सेवन केक एंड कुकीज का। दुकान के संचालक अजीत थारवानी एवं प्रोपराइटर दिलीप बेलानी का कहना है कि विगत 8 मई को उनकी दुकान में अजीत को धोखे से बुलवाया गया। यह कहकर की दुकान की छत का टीन खुला हुआ है। अजित जब दुकान के भीतर पहुंचे पर आरोपी मणिराज पिल्ले नंदनी पिल्ले और उनके साथियों द्वारा दुकान के जरूरी कागजातों से भरा बैग, फोटो, अन्य दस्तावेजों सहित चेक बुक और दुकान की चाबियां छीन कर तोड़फोड़ की गई। मौके पर गश्त करती हुई कैंट थाने को देख आरोपी गाना भाग खड़े हुए। किंतु जाते-जाते से बैग और सारा सामान लेकर धमकी देते हुए गए। कैंट थाने की टीम ने दुकान पर ताला लगवाया और चली गई।
इस घटनाक्रम की सूचना फरियादी द्वारा आरोपी गणों के विरुद्ध चोरी का आरोप लगाते हुए कैंट थाने में दी गई।
इसके बाद पुनः 6 जून को शाम 6:30 बजे जब अजीत अपनी बाइक दुकान के बाहर खड़े कर रहे थे। तभी आरोपी गण आए और बाइक में तोड़फोड़ की दुकान के चारों तालों को तोड़ दिया गया और अपने ताले लगा लिए गए। इस बात की जानकारी जब थाने के स्टाफ को मिली तब उन्होंने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और निरीक्षण के दौरान ही कैंट थाने की तरफ से मौके पर मौजूद रघुवंशी एवं स्टाफ द्वारा आरोपी गणों से पूछताछ की गई। उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई जिसमें ताले तोड़े जाने की घटना को आरोपियों ने कुबूल किया है। पुलिस टीम ने कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। अगले दिन जब फरियादी केंट थाने पहुंचे तब रघुवंशी और ए बी सिंह के द्वारा पूछताछ की गई और ताला खोलने का आश्वासन भी दिया गया। किंतु तब से लेकर आज खबर लिखे जाने तक ना तो दुकान का ताला खोला गया था और ना ही आरोपी गणों के विरुद्ध कोई आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया। गौर करने लायक है कि आरोपी गणों ने जिस दुकान में ताला लगाया है उसमें फरियादी जनों का लगभग पंद्रह लाख रुपए का सामान रखा हुआ है। फरियादी न्याय पाने के लिए अधिकारियों और पुलिस थानों के चक्कर लगा रहे हैं। जबलपुर दर्पण की तरफ से जब कैंट थाने के टीआई से बात की गई तब उन्होंने इस मामले को दो पक्षों के बीच संपत्ति विवाद का नाम दिया और यह कहां की एसडीएम महोदय के समक्ष इस्तगासा हेतु पत्र दिया गया है किंतु आरोपी गणों के विरुद्ध अब तक कोई भी आपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं किया गया है।

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