किल कोरोना अभियान एक से 15 जुलाई तक- कलेक्टर वेद प्रकाश

प्रदेशव्यापी किल कोरोना अभियान एक से 15 जुलाई तक जिले में भी चलाया जायेगा। इस दौरान घर- घर जाकर सर्वे किया जायेगा। नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिये यह एक महत्वपूर्ण अभियान है। कलेक्टर श्री वेद प्रकाश ने किल कोरोना अभियान को जिले में पूरी गंभीरता के साथ प्रभावी तरीके से चलाये जाने पर जोर दिया है। कलेक्टर ने मंगलवार को किल कोरोना अभियान के प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले में अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिये।
कलेक्टर श्री वेद प्रकाश ने कहा कि अभियान के तहत गठित दल अपने- अपने क्षेत्र में घर- घर जाकर सर्वेक्षण का कार्य करेंगे। अभियान में जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों का भी सहयोग लिया जाए।
कलेक्टर ने कहा कि किल कोरोना अभियान स्पेशल फीवर स्क्रीनिंग अभियान है। कोविड- 19 के संक्रमण के प्रसार की श्रृंखला को तोड़ने एवं आमजनों को संक्रमण से बचाव के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत संभावित रोगियों की समय पर पहचान कर उन्हें तत्काल अस्पताल भेजकर उनका उपचार कराना, जिससे आगे संक्रमण को फैलने से रोका जा सके तथा मृत्यु की घटनाओं में कमी लाई जा सके। अभियान का उद्देश्य कोरोना की रोकथाम करने के साथ- साथ गर्भवती व टीकाकरण से छूटे बच्चों की खोज कर टीकाकरण करना भी है।
प्रशिक्षण में बताया गया कि किल कोरोना अभियान के सुचारू संचालन के लिए नरसिंहपुर जिले में 164 टीमों का गठन किया गया है। दल में एएनएम, बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता, बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य पर्यवेक्षक एवं महिला पर्यवेक्षक, बीईई, एलएचव्ही को रखा गया है। अभियान के तहत आशा कार्यकर्ता व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सभी घरों में जायेंगी। प्रत्येक दल प्रतिदिन 100 घरों में भ्रमण करेगा। प्रत्येक दल के पास पल्स ऑक्सीमीटर, नॉन कॉन्टेक्ट थर्मामीटर, ट्रिपल लेयर मास्क, सर्जिकल ग्लब्स, कॉटन, सेनिटाइजर, रजिस्टर, पेन, पेंसिल एवं रिपोटिंग प्रपत्र रहेगा। सर्वे दल घरों में पहुंच कर ये जानकारी एकत्रित करेंगे कि पिछले 7 से 10 दिवस में किसी को बुखार तो नहीं, कोई यात्रा तो नहीं की और किसी कोविड पॉजिटिव से संपर्क तो नहीं हुआ।
सर्वे दल बुखार के साथ- साथ सर्दी, खांसी, गले में खराश/ दर्द या सांस लेने में तकलीफ, गंध या स्वाद नहीं आने, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, कैंसर, स्ट्रोक, हृदय रोग, बुखार के साथ ठंड लगना, कपकपी आना, सिर दर्द, चक्कर, उल्टी, कमजोरी तथा पसीना आकर बुखार के उतर जाने, सिर में आंखों के पीछे दर्द होने, गर्भवती व 5 वर्ष से छोटे बच्चों की जानकारी के संबंध में प्रश्न पूछेंगे। उक्त किसी भी प्रश्न का जबाव हां होने पर इसकी जानकारी एएनएम, एमपीडब्ल्यू, सुपरवाईजर जांच करने उक्त घर जायेंगे। स्वास्थ्य कार्यकर्ता एसएआरआई, आईएलआई तथा बच्चों में डायरिया व टीकाकरण से छूटे होने पर लाइन लिस्टिंग करेंगे व सार्थक एप में एंट्री करेंगे।
सर्वे के दौरान सर्वे दल के सदस्य हमेशा मास्क लगाये रखेंगे, घर की किसी वस्तु को नहीं छूयेंगे, सेनेटाइजर से हाथ साफ करते रहेंगे, कम से कम 6 फीट की दूरी बनाये रखेंगे, यदि पल्स ऑक्सीमीटर या मलेरिया आरडीके से जांच करेंगे, तो पहले उंगली को सेनेटाइज करेंगे तथा मरीज को दायें या बायें तरफ से जांच करेंगे आमने- सामने से नहीं। मलेरिया एवं डेंगू के प्रकरणों की जानकारी भी संकलित की जायेगी। सर्वे दल शतप्रतिशत घरों तक पहुंचेंगे। घर- घर में मरीजों की खोज करेंगे और लक्षण मिलने पर तत्काल सार्थक एप में प्रविष्टि करेंगे। इसके अलावा प्रपत्र में सभी आवश्यक जानकारियां प्रविष्ट की जायेगी। प्रपत्र में प्रविष्ट की गई जानकारी एवं सार्थक एप में प्रविष्ट जानकारी में भिन्नता न हो, इसका भी विशेष ध्यान रखा जाये।
किल कोरोना अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए जिले में निगरानी तंत्र भी बनाया गया है। जिला स्तर पर कलेक्टर, सीईओ जिला पंचायत और सीएमएचओ व डीपीओ आईसीडीएस अभियान की निगरानी करेंगे। विकासखंड स्तर पर एसडीएम, सीईओ जनपद, बीएमओ व परियोजना अधिकारी महिला बाल विकास और ग्राम स्तर पर तहसीलदार, सेक्टर मेडिकल ऑफिसर व सुपरवाईजर आईसीडीएस अभियान की निगरानी करेंगे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में सीईओ जिला पंचायत श्री केके भार्गव, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एनयू खान, मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र नरसिंहपुर/ गाडरवारा, सभी सुपरवाईजर, सीएचाओ, एलएचव्ही, पुरूष सुपरवाईजर और संबंधित अमला मौजूद था।



