जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेशवायलर न्युज

अनैतिक संबंध बने दिव्यांग की हत्या की वजह।

माढ़ोताल थाना अंतर्गत आगासौद के दोहरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझी।



जबलपुर-अनैतिक संबंधों की आग में एक बार फिर एक परिवार जलकर स्वाहा हो गया। दो लोगों ने अपनी जान गंवाई और हत्यारा बड़ा भाई सलाखों के पीछे पहुंच गया। विगत 30 जून को माढ़ोताल थाना के आगासौद में एक दिव्यांग पिता और उसकी 4 वर्षीय बच्ची की निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस हृदय विदारक घटना के विषय में जिसने भी सुना और जाना उसका हृदय कांप उठा। लेकिन इस घटना के पीछे की जो कहानी सामने आई है वह कहानी और भी दर्दनाक है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की पत्नी के अपने ही छोटे भाई से अनैतिक संबंध थे। जिसका उसे पता चल गया और उसने उसकी हत्या का इरादा कर लिया। किंतु जब वह हत्या करने पहुंचा तब आरोपी के भाई की बगल में उसकी बच्ची भी थी।जो आरोपी को पहचानती थी। भेद खुलने के डर से उसने बच्ची की भी हत्या कर दी।
थाना माढेाताल में दिनाॅक 30-6-2020 को सुबह लगभग 7 बजे ग्राम आगासौद में पिता एवं बेटी की हत्या कर दिये जाने की सूचना पर पहुची पुलिस ने देखा कि ग्राम आगासौद में सुशील गौड के घर पर भीड लगी हुई थी, कमरे कें अंदर एक व्यक्ति एवं 4 वर्षिय बच्ची मृत पडी हुई थी जिनके गले में धारदार हथियार की चोट थी।  ग्राम आगासौद के पैंसठ वर्षीय कोटवार नत्थूलाल दाहिया ने बताया कि सुबह लगभग 7 बजे गाॅव के अरूण गौड ने आकर सूचना दी कि सुशील गौड और उसकी बेटी संजना गौड घर के अंदर मृत पडे हैं। जाकर देखा तो पैंतीस वर्षीय सुशील गौड और उसकी चार वर्ष की मासूम बेटी संजना गौड मृत पडे़ हुये मिले। किसी अज्ञात व्यक्ति ने कमरे में घुसकर  धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी है।
घटित हुई घटना से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया, सूचना पर  पुलिस अधीक्षक जबलपुर सिद्धार्थ बहुगुणा (भा.पु.से.) , अति. पुलिस अधीक्षक दक्षिण डाॅ संजीव उइके, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध गोपाल प्रसाद खाण्डेल, नगर पुलिस अधीक्षक गढा रोहित काशवानी (भा.पु.से.), उप पुलिस अधीक्षक अपराध पी.के. जैन, नगर पुलिस अधीक्षक बरगी रवि चैहान, एफएसएल प्रभारी डाॅ. सुनीता तिवारी, फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट उप पुलिस अधीक्षक जे.पी. सोनी, डाॅग हैंडलर डाॅग को लेकर घटना स्थल पर पहुंचे। घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण करते हुये पंचनामा कार्यवाही कर शव को पीएम हेतु भिजवाया। ग्राम कोटवार नत्थूलाल दाहिया की रिपोर्ट पर धारा  450, 302 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर  प्रकरण विवेचना मे लिया गया है।
पुलिस अधीक्षक जबलपुर सिद्धार्थ बहुगुणा (भा.पु.से.) द्वारा दिव्यांग पिता एवं बेटी की गला रेतकर  की गयी नृशंस हत्या के अज्ञात आरोपी की पतासाजी एवं गिरफ्तारी पर 10,000/-( दस हजार रूपये ) के नगद पुरूस्कार से पुरूस्कृत करने की उद्घोषणा की गयी।
आदेश के परिपालन में अति. पुलिस अधीक्षक शहर (दक्षिण) डाॅ. सजीव उइके एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध गोपाल प्रसाद खाण्डेल तथा नगर पुलिस अधीक्षक गढा रोहित काशवानी (भा.पु.से.) के मार्ग निर्देशन में थाना प्रभारी माढोताल अनिल गुप्ता के नेतृत्व में थाना माढेाताल स्टाफ एवं क्राईम ब्रांच की टीम गठित की गयी।
                प्रारम्भिक पूछताछ पर ज्ञात हुआ कि मृतक तीन भाई है, सभी आस पास सपरिवार रहते है। मृतक एवं मृतक की पत्नि दिव्यांग हैं, मृतक की पत्नि अपनी ननद की बेटी की शादी में ग्राम टिकारी तेन्दूखेडा जिला दमोह गयी हुई थी। जो सूचना मिलने पर सुबह ही पहुंची थी।
जाँच के बाद पता चला कि दिव्यांग पिता एवं बेटी की हत्या रात्रि 1.00 बजे के पूर्व कर दी गई थी। मृतक के परिजनो को रात्रि 1.00 बजे के पूर्व ही घटना की जानकारी भी मिल चुकी थी। किंतु मृतक के परिजनों ने रात्रि में पुलिस या किसी अन्य को हत्या की सूचना देने का प्रयास नही किया, साथ ही ग्राम कोटवार को सुबह अधूरी व झूठी सूचना दी थी कि कु. संजना कूलर से लिपटकर मर गई है।
                मृतक के परिजनों का आचरण प्रारम्भ से ही संदिग्ध लग रहा था, संदेह परिवारजनों पर ही हो रहा था, क्योंकि उनके द्वारा पुलिस एवं गाॅव के लोगो तक घटना की सूचना देने में जान बूझकर विलंब किया गया था। विवेचना के बाद निर्मित हुई परिस्थितियों के आधार पर मृतक के परिजनों से सख्ती से पूछताछ की गई। पूछताछ पर मृतक के बडे़ भाई   शंकर गौड की पत्नि ने बताया कि उसके मृतक सुशील गौड के साथ अवैध संबंध थे। घटना दिनाॅक को रात लगभग 9-30 बजे पति शंकर गौड ने उसे सुशील गौड़ के साथ आपत्ति जनक स्थिति में देख लिया था। उस वक्त उसे एवं अपने छेाटे भाई सुशील गौड़ को थप्पडों से मारा था, एवं कमरे मे जाकर सो गया था, वह भी पति के पास जाकर सो गयी थी। रात लगभग  बारह बजे उसके पति कमरे में आये और बताये कि मैने दोनों को मार दिया है।  
                शंकर पिता रामदास गौड उम्र 50 वर्ष निवासी ग्राम आगासौद को अभिरक्षा मे लेकर सघन पूछताछ की गयी जिसमें उसने अपने छोटे भाई सुशील गौड की रात लगभग 11-45 बजे सोते समय मुंह दबाकर कुल्हाडी से गले मे हमला कर हत्या की। घटना के समय भतीजी संजना जो बाजू में ही सो रही थी। भेद खुलने के डर से उसने बच्ची की भी कुल्हाडी से गले में हमला कर हत्या करना स्वीकार किया। शंकर गौड़ की निशादेही पर घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी बरामद करते हुये मान्नीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।    
उल्लेखनीय भूमिका- आरोपी को गिरफ्तार करने में थाना प्रभारी माढेाताल अनिल गुप्ता, क्राईम ब्रांच के उप निरीक्षक चन्द्रकांत झा, स.उ.नि. रामसनेह शर्मा, आरक्षक राजेश केवट, आरक्षक अजीत पटेल, अनिल शर्मा, आनंद तिवारी  एवं थाना माढेाताल के सहायक उप निरीक्षक मनोज चैधरी, प्रधान आरक्षक पंचमलाल यादव, सुदेश गुप्ता, अशोक मिश्रा, आरक्षक संदीप सिंह, धीरेन्द्र की सराहनीय भूमिका रही ।

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