विधायक सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा के अनशन का पांचवा दिन।

शोषण के विरुद्ध मजदूरों की आवाज बना सत्याग्रह।
जबलपुर – किसी भी कंपनी में मजदूर उस पहिए के समान होता है जिसके बिना कोई भी गाड़ी चल नहीं सकती। इसके बावजूद अक्सर प्रबंधक मजदूरों के हितों की अनदेखी करते हैं और जब यह अनदेखी कि आंच अस्तित्व पर आने लगे। तो आवाज उठाना भी जरूरी हो जाता है। मजदूरों की सशक्त आवाज बनकर उन्हें नेतृत्व देने का काम एक साहस भरा निर्णय है। इस निर्णय को अपने अंजाम तक पहुंचाने का निश्चय कर अनशन पर बैठे सतना के विधायक सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा ने मजदूरों को न्याय दिलाने की ठान ली है। सतना के बाबूपुर स्थित जेपी सीमेंट के प्लांट में प्रबंधकों ने दो सौ मजदूरों को निकाल दिया और मजदूरों के प्रति हुए इस अन्याय के विरुद्ध क्षेत्रीय विधायक सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा 6 जुलाई से अनशन पर बैठे हैं। आज 10/7/2020 तक भी उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया है। चिकित्सकों की मानें तो उनकी हालत खराब होती जा रही है। इस विषय को लेकर शासन प्रशासन को न केवल ध्यान देने की जरूरत है। बल्कि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई करने की भी आवश्यकता है। इस आशय का ज्ञापन लेकर जबलपुर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे कुशवाहा जन जागृति एवं विकास समिति जबलपुर के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने डिप्टी कलेक्टर दीपाली गुप्ता को ज्ञापन सौंपा। ताकि उनकी बात प्रशासन तक पहुंच सके। साथ ही यह भी कहा कि यदि 11 जुलाई तक कोई ठोस निर्णय प्रशासन ने नहीं लिया तो वह सभी उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे ज्ञापन सौंपने वालों में राम भजन कुशवाहा, रविन्द्र कुशवाहा, दयाशंकर कुशवाहा, विजय मौर्य शैलेण्द्र मौर्य, प्रभात कुशवाहा शामिल रहे।



