बालाघाट दर्पणमध्य प्रदेश

सिंचाई मंत्री रामकिशोर कावरे के दौरे से किसानों को मिली राहत

पानी की वसूली स्थगित, जमा राशि होगी समायोजित

बालाघाट। वास्तव में कोरोना संक्रमण काल में वैसे भी लोग आर्थिक संकट से झूज रहे है। ऐसी स्थिति में किसानों पर बेवजह दोहरा आर्थिक बोझ डाला जा रहा था। आलम रबि की धान के पानी का पैसा गांगुलपारा जलाशय पर आश्रित किसानों से 11 से 12 सौ तक सिंचाई विभाग द्वारा वसूला जा रहा था। जबकि 5 से 6 रुपए सिंचाई कर लिया जाना चाहिए था। इस बात को क्षेत्र के किसान राजेंद्र सिंह ठाकुर ने गांगुलपारा जलाशय के निरीक्षण के दौरान आयुष व जल संसाधन विभाग के मंत्री रामकिशोर कावरे के समक्ष रखी। मामला संज्ञान में आते ही मंत्री श्री कावरे ने वहां मौजूद जल संसाधन विभाग के आला अधिकारियों को फटकार लगाते हुए निर्देशित किया कि तत्काल बड़ी हुई सिंचाई दर कम किया जाए। साथ ही कहा जारी पानी की वसूली को स्थगित करते हुए बढ़ी हुई दरों पर जमा राशि को आगामी समय के लिए समायोजित करने की त्वरित कार्यवाही करें। ताकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार के कार्यकाल में अन्नदाताओं को किसी भी प्रकार की परेशानियों का सामना ना करना पड़े। इसका विशेष ध्यान आगे भी रखें। आखिर हम सब कुछ सहन कर सकते हैं लेकिन किसानों के साथ अन्याय नहीं। वही मंत्री श्री कावरे ने किसानों के खेत तक आसानी से जल प्रदाय हो सके इसके पुख़्ता इंतजाम करने की हिदायत भी दी। उक्ताशय की जानकारी देते हुए मीडिया प्रतिनिधी हेमेन्द्र क्षीरसागर ने बताया कि परिपालन में संबंधित विभागीय कार्यपालन यंत्री ने आगामी समय तक ज़ल कर वसूली स्थगित रखने और जमा राशि का समायोजन करने की बात कही है। लिहाजा मंत्री रामकिशोर कावरे के दौरे से किसानों को बहुत बड़ी राहत मिली जिसकी क्षेत्र के किसानों, आम जनमानस और भाजपा नेताओं ने भूरी, भूरी प्रशंसा की। जिनमें राजेंद्र सिंह ठाकुर, जितेंद्र चौधरी, तिलक सोनवाने, सुधीर चौधरी, लेखराम पटले, रमेश राऊत, जयचंद पांचे, गणपत कावरे, डां पटले, मूलचंद पांचे, दुलिस तिलासी, भींवाराम डहारे, शैलेन्द्र ठकरेले, रवि जामरे, धनीराम नागेश्वर, प्रकाश नेवारे, हेमेंद्र लिल्हारे, सद्दू बाहेश्वर, और मुकेश बिसेन ने कृषक हित में मंत्री कावरे द्वारा लिए गए निर्णय के प्रति हार्दिक आभार जाहिर किया है।

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