नामचीन विंध्या अस्पताल में कोरोना को लेकर लापरवाही

जिला प्रशासन को किया गुमराह, नौ मरीजों ने चौंकाया
रीवा। विंध्य प्रदेश के संभागीय मुख्यालय रीवा के पुराने बस स्टैंड के करीब संचालित होने वाले एक नामचीन प्राईवेट अस्पताल में कोरोनावायरस महामारी को लेकर बड़ी लापरवाही बरतने का मामला सामने आया है। जिला प्रशासन को धोखे में रखकर मनमर्जी से काम करना विंध्या अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली बन गई है। विश्वसनीय सूत्रों ने बताया कि मंगलवार को रीवा जिले में कुल 17 कोरोना पाजीटिव मरीज सामने आए हैं जिनमें से नौ मरीज विंध्या अस्पताल से नाता रखते हैं। यह सनसनीखेज खुलासा होने पर जब मीडिया की टीम विंध्या अस्पताल प्रबंधन की बाइट लेने पहुंचा तो बड़े ही नाटकीय अंदाज में अस्पताल को बेदाग बताने का काम किया गया। संभागीय मुख्यालय में विंध्या अस्पताल का उदय होने के बाद लगातार मरीजों से इलाज शुल्क के नाम पर अवैध वसूली करने की सूचनाएं बाहर आती रही हैं। कोरोनावायरस महामारी को लेकर जहां एक तरफ रीवा कलेक्टर टी इलैया राजा सहित पूरी सरकारी मशीनरी दिन रात एक किए हुए हैं वहीं नामचीन विंध्या अस्पताल में हद दर्जे की लापरवाही को प्रबंधन अंजाम देने में जरा सा भी संकोच नहीं करता है। बताया जाता है कि मंगलवार को जो 17 कोरोना पाजीटिव मरीज सामने आए हैं उनमें नौ मरीजों को उपचार के लिए विंध्या अस्पताल सबसे पहले लाया गया था जहां पर मलेरिया सहित अन्य बीमारी का उपचार करते हुए अवैध वसूली को ईमानदारी से अंजाम दिया गया, जब संबंधित मरीजों को इस लुटेरे विंध्या अस्पताल से जबलपुर सहित अन्य अस्पतालों में ले जाया गया तो वहां पर जांच रिपोर्ट कोरोना पाजीटिव के रुप में सामने आई है। संभागीय मुख्यालय में उपचार के नाम पर सबसे ज्यादा वसूली करने वाले विंध्या अस्पताल में मरीज मरे चाहे जिए पूरा पैसा जमा कराने में किसी तरह का संकोच नहीं किया जाता है। एक तरफ लगातार विंध्य क्षेत्र के रीवा, सतना और सीधी जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार रोज बढ़ रही है तो वहीं दूसरी तरफ विंध्या अस्पताल जैसे बेलगाम प्रबंधन के कारण महामारी को फैलने का और अवसर मिल जाता है। विंध्या अस्पताल की कोरोनावायरस महामारी को लेकर करतूत उजागर होने के बाद प्रबंधन के लोग मामले को मैनेज करने में लगे हुए हैं। रीवा शहर में चलने वाले नामचीन समाचार पत्रों को लाखों रुपए का विज्ञापन देकर विंध्या अस्पताल अपनी करतूतों को दबाने में सफल हो जाता है। आज मानव जाति के लिए सबसे बड़ा खतरा कोरोना संक्रमण बन गया है। ऐसे में बड़े नाम वाले मीडिया हाउस को भी इस निजी अस्पताल की भांठगीरी से ऊपर उठकर जनहित के लिए काम करने की आवश्यकता है।
अस्पताल प्रबंधन ने स्टाफ का जीवन खतरे में डाला
सूत्रों ने बताया कि संभागीय मुख्यालय रीवा के पुराने बस स्टैंड और जयस्तंभ चौक के बीच संचालित होने वाले विंध्या अस्पताल में मरीजों से उपचार की आड़ में अवैध वसूली करना सिस्टम बन चुका है। अस्पताल का नाम बड़ा होने के कारण ही रीवा सहित विंध्य प्रदेश में दूर दराज से लोग मरीजों को लेकर उपचार कराने इस उम्मीद से विंध्या अस्पताल रीवा आते हैं कि उनका मरीज बहुत जल्द ठीक हो जाएगा। मंगलवार को रीवा जिले में कोरोना संक्रमण के कुल सत्रह मामले सामने आए हैं जिनमें एक दो नहीं बल्कि पूरे नौ पाजीटिव मरीज का संबंध बहुचर्चित विंध्या अस्पताल से पाया गया है। विंध्या अस्पताल का प्रबंधन कोरोना संक्रमित मरीजों की हकीकत रीवा जिला प्रशासन से छुपा रहा था। जब लोगों के जीवन पर कोरोनावायरस महामारी का साया हर समय मंडरा रहा है उस दौरान भी एक जिम्मेदार संस्थान विंध्या अस्पताल जिला प्रशासन की आंखों में धूल झोंककर महामारी को फैलाने का काम कर रहा है। बेलगाम अस्पताल प्रबंधन की सुनियोजित लापरवाही के कारण विंध्या अस्पताल में तैनात स्टाफ की जिंदगी से जानबूझकर खिलवाड़ किया जा रहा है। कोरोनावायरस महामारी के इस दौर में विंध्या अस्पताल का यह सनसनीखेज खुलासा होने के उपरांत कलेक्टर टी इलैया राजा और शासन क्या कार्रवाई करता है यह जरुर देखने लायक होगा।



