बसपा ने विश्व आदिवासी दिवस पर किया महापुरुषों को नमन

प्रथम पंक्ति में समाज को खडा करने, होने चाहिए बेहतर प्रयास
जबलपुर | बहुजन समाज पार्टी ने जबलपुर जिले में सिहोरा, पनागर, बरगी, पाटन सहित जबलपुर शहर में आज विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर सभी मानवतावादी महापुरुषों को नमन किया, बसपा मुख्य जोन इंचार्ज बालकिशन चौधरी, जिला अध्यक्ष लखन अहिरवार, महासचिव राकेश समुंदरे ने बताया की,
विश्व आदिवासी दिवस आबादी के अधिकारों को बढ़ावा देने और उनकी सुरक्षा के लिए प्रत्येक वर्ष 9 अगस्त को विश्व के आदिवासी लोगों का अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है। यह घटना उन उपलब्धियों और योगदानों को भी स्वीकार करती है जो मूलनिवासी लोग पर्यावरण संरक्षण जैसे विश्व के मुद्दों को बेहतर बनाने के लिए करते हैं। यह पहली बार संयुक्त राष्ट्र की महासभा द्वारा दिसंबर 1994 में घोषित किया गया था, 1982 में मानव अधिकारों के संवर्धन और संरक्षण पर संयुक्त राष्ट्र कार्य समूह की मूलनिवासी आबादी पर संयुक्त राष्ट्र कार्य समूह की पहली बैठक का दिन।23 दिसंबर 1994 के संकल्प 49/214 द्वारा, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने निर्णय लिया कि विश्व के आदिवासी लोगों के अंतर्राष्ट्रीय दशक के दौरान अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी लोगों का अंतर्राष्ट्रीय दिवस हर साल 9 अगस्त को मनाया जाएगा। पहली बैठक के दिन, 1982 में मानव अधिकारों के संवर्धन और संरक्षण पर संयुक्त राष्ट्र कार्य समूह की आदिवासी आबादी पर अंकन का दिन है। बहुजन समाज पार्टी का निर्माण समतामूलक समाज बनाने एवं आर्थिक गैरबराबरी समाप्त करने के उदेशय से किया गया है, देश में दलितों, आदिवासी समाज को उनका हक अधिकार नहीं दिया गया, आज भी ये समाज शिक्षा, जल जंगल जमीन से वंचित है, जबलपुर जिले में बहुत बड़ी संख्या में आदिवासी समाज ग्रामीण आबादी में है, वनाधिकार, पट्टे के लिए तहसील, कचहरी के चक्कर काटता है, कुंडम, सिहोरा, बरगी, बरेला, पनागर, पाटन तहसीलों में आये दिन चक्कर काट रहे इस समाज के हक अधिकारों की परवाह आज तक रही सरकारों को नहीं रही इसलिए अब आदिवासी जनजाति, पिछडे, दलित शोषित समाज को संगठित होकर बसपा की सरकार बनाना बहुत जरूरी हो गया है उक्त विचार बसपा के जोन इंचार्ज सेठ बालकिशन, राकेश चौधरी, जिला अध्यक्ष लखन अहिरवार, सुभाष मरकाम, राकेश समुंदरे, ओम समद, राकेश चक्रवर्ती, ईश्वरी बौद्ध, सतपाल सिंह, दिनेश कुशवाहा, एड राकेश, मुकेश सूर्यवंशी, नरेंद्र चौधरी, रिषभ साठे, नरेंद्र बेन, संभू कोरी, अजय अहिरवार, लछमन चौधरी, संजू राज, संदीप सूर्यवंशी, नीरज चौधरी, चंदमणी वर्मा, जानकी प्रसाद, भोले शंकर, बबीता गोटिया, आशा गोटिया, विश्राम बैगा, दुर्गा सिंह मरकाम, इंजी राजेश सिंह, कोमल सिंह मरावी ने जबलपुर के विभिन्न आयोजनों में कही



