भरी बरसात में जबरन की जा रही है पशु औषधालय की रंगाई पुताई

हटा/मड़ियादो। ग्राम मड़ियादो के बेरियल नाका पर स्थित पशु औषधालय की रंगाई का कार्य इस भारी बरसात के मौसम में चल रहा है जो कि मौसम के अनुसार लापरवाही को प्रदर्शित कर रहा है। इसके पीछे की वजह ना तो वहां के अधिकारी को पता है और ना ही टेंडर के ठेकेदारों को। जब मीडिया द्वारा यह प्रश्न पूछा गया कि क्या आपके पास इसका कोई लिखित आदेश या प्रपत्र है तब ठेकेदारों के पास ऐसा कोई प्रमाण प्राप्त नहीं हुआ। कहीं ना कहीं यह सिद्ध होता है कि रंगाई का कार्यक्रम मात्र खानापूर्ति के लिए किया जा रहा है, क्योंकि ऐसे मौसम में मूसलाधार बारिश होती है तो कोई रंग बिल्डिंग पर किया जाए कहीं ना कहीं बारिश की बूंदे उसे बर्बाद तो कर ही देंगे। इसी बीच पशु औषधालय मड़ियादो अधिकारी डॉक्टर प्रभुदयाल छिरोल्या से पूछा गया कि ऐसी बारिश में बिल्डिंग में रंग रोगन का कार्य हो रहा है, भरी बरसात में रंगाई का कार्यक्रम क्या आपके जानकारी में है, तो उनका साफ जवाब था कि यह कार्य जबरदस्ती किया जा रहा है। उंन्होने बताया कि औषधालय में रंगाई पुताई को रोकने का प्रयास किया परंतु टेंडर या ठेकेदारों की मनमानी वाले रवैया की वजह से उनकी एक नहीं चली। बारिश के बाद यदि पुताई फीकी पड़ जाती है तो यह भी कोई नहीं कह सकेगा की पुताई को एक तरीके से किया गया या बस एक औपचारिकता के तौर पर किया गया। मीडिया द्वारा जब मौके पर रंगाई पुताई के सुपरवाइजर और उनके कारीगरों से बात पूछी गई तो उनके जवाब बड़े अजीब रहे, उन्हें स्वयं भी पता नही था कि ऐसी बारिश में वो बिल्डिंग की रंगाई पुताई का कार्य क्यों कर रहे हैं। यहां तक कि यह भी नहीं बता रहे थे कि अस्पताल की चाबी किसके हाथ में आई और यह ताला किसके द्वारा खोला गया, क्योंकि पशु अधिकारी भी खुद नही जानते कि कब अस्पताल का ताला खोला गया और कब यह कार्यक्रम शुरू किया गया। अस्पताल में बहुत सारा कीमती सामान रखा रहता है, दवाई भी रखी रहती हैं यदि यह सब गायब होते हैं या असुरक्षित पाए जाते हैं तो इसकी जिम्मेदारी का सवाल सबके सामने खड़ा हो जाएगा।
इनका कहना-
रंग पुताई का टेंडर डिप्टी डायरेक्टर दमोह के द्वारा किया जाता है। जिसमे जिले की सभी पशु औषधालय संस्थाओं को शामिल किया जाता है। ये रंग पुताई का कार्य आरईएस दमोह द्वारा कराया जा रहा है। अब ये बारिश में क्यों हो रहा उनको नही पता।
डॉ बीके असाटी, पशु चिकित्सा विस्तार अधिकारी हटा।



