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किसानों का रास्ता हो रहा है बाधित।

क्राइस्ट चर्च स्कूल प्रबंधन बाउंड्री वॉल बनाने पर अड़ा।

जबलपुर। किसानों के हित का दम भरने वाली सरकार, नेता और अफसर उस वक्त क्यों चुप हो जाते हैं। जब किसानों का हक मारा जाता है। मध्य प्रदेश सरकार के नियम 131 के अनुसार किसी भी सूरत में किसानों का रास्ता बाधित नहीं किया जा सकता। लेकिन इसके बावजूद साली बाड़ा के 20 से 25 किसान अपने लिए रास्ते की मांग करते हुए, बीते 2 वर्षों से लगातार लड़ाई लड़ रहे हैं। लेकिन अब तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही।
क्राइस्ट चर्च स्कूल प्रबंधन ने 2015 में साली बाड़ा के निकट एक भूमि क्रय की और उस पर स्कूल की बिल्डिंग बनवाई। इस निश्चय के साथ की क्षेत्रीय लोगों के बच्चों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्राप्त होगी। जिस वक्त बिल्डिंग का निर्माण हो रहा था। वहां रहने वाले किसानों से स्कूल प्रबंधन द्वारा यह वादा किया गया था कि उनका रास्ता बाधित नहीं होगा और वह खुला ही रहेगा। लेकिन जब किसानों को यह समझ में आ गया कि वह रास्ता, जो बीते 100 वर्षों से पहले से भी खुला था। जिसका इस्तेमाल वह बचपन से करते आ रहे हैं। जहां से कभी ट्रैक्टर और बैलगाड़ी गुजर जाया करती थी। आज वहां पैदल चलना भी मुश्किल है। स्कूल प्रबंधन ने न केवल रास्ता बंद किया बल्कि उस रास्ते पर बाउंड्री वाल खड़े करने के अपने इरादे पर अटल है। मीडिया से बात करते हुए पीड़ित किसानों की ओर से नरेश कुशवाहा ने बताया कि इस रास्ते को वे अपने बचपन से ही चलता हुआ देखते चले आ रहे हैं और इसका इस्तेमाल करते चले आ रहे हैं। लेकिन आज यह रास्ता बंद हो जाने से सबसे अधिक प्रभाव उन्हें पड़ा है। क्योंकि उनका खेत इस रास्ते के ठीक किनारे पर है। स्कूल से निकलने वाला गंदा पानी उनके खेतों में आता है। फसलें खराब होती हैं और उनके खुद के आने जाने के लिए कोई स्थान नहीं बचा। स्कूल प्रबंधन की ओर से क्राइस्ट चर्च स्कूल के प्राचार्य का कहना है कि उनके प्रबंधन ने जमीन खरीदी थी। जमीन का डाईवर्जन और सीमांकन हुआ है। उसी के अनुरूप बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया जा रहा है। यहां किसी भी तरह का कोई पुराना रास्ता नहीं हुआ करता था। क्रेशर स्कूल प्रबंधन ने ग्रामीणों के लिए वैकल्पिक रास्ता होने की भी बात कही लेकिन ग्रामीणों ने इस बात से इनकार किया। आज 17 तारीख को पटवारी और आर आई के द्वारा मौका निरीक्षण किया गया। इस दौरान दोनों पक्ष आमने सामने आए बात पटवारी के समक्ष रखी। आर आई, पटवारी ने सभी पक्षों को सुनने के बाद उचित कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन बनाकर अधिकारियों को प्रेषित किया है।

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