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कर्मचारियों में पनप रहा आक्रोश।

कर्मचारी संगठन कर रहे हैं हड़ताल की तैयारी

जबलपुर। रक्षा उत्पादन इकाइयों के निगमीकरण का विरोध अब तेज हो गया है और सभी कर्मचारी विरोध में अपना अपना योगदान दे रहे हैं। इसी के चलते सुरक्षा उत्पादन इकाइयों में आगामी 12 अक्टूबर से बड़ी हड़ताल की तैयारी चल रही है।
ऑल इंडिया डिफेंस एंप्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एसएन पाठक जी ने बताया केंद्र सरकार द्वारा ऑर्डिनेंस फैक्ट्रीयों के प्रस्तावित निगमीकरण के विरोध में रक्षा क्षेत्र की फेडरेशन ए आई डी ई एफ, आइ एन डी डब्ल्यू एफ, बीपीएमएस के द्वारा अध्यक्ष एवं महासचिव हस्ताक्षरित संयुक्त ज्ञापन पत्र रक्षा मामलों की स्थाई संसदीय समिति को भेजा गया है। फेडरेशन द्वारा पूर्व में भी ऑर्डीनेंस फैक्ट्रीयों के निगमीकरण का फैसला वापस लिए जाने हेतु सरकार को कई पत्र लिखे। वर्तमान में 41 ऑडनेंस फैक्ट्रीयों की ट्रेड यूनियने ऑर्डीनेंस फैक्ट्रीयों के निगमीकरण के मुद्दे पर 12 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए तैयारियां कर रही है। संपूर्ण घटनाओं एवं तथ्यों का सविस्तार वर्णन के साथ रक्षा मामलों की संसदीय स्थाई समिति के अध्यक्ष जुएल ओराम को तथा सभी सदस्यों को ज्ञापन भेजा गया है। ज्ञापन में ऑर्डीनेंस फैक्ट्रीयों के निगमीकरण के मुद्दे पर हस्तक्षेप कर सरकार को आर्डिनेंस फैक्ट्रियों के निजीकरण का फैसला वापस लेने की सलाह देने की अपील की गई है। ज्ञापन में कहा गया है ऑर्डीनेंस फैक्ट्री बोर्ड, डायरेक्टर जनरल ऑफ ऑर्डीनेंस फैक्ट्री तथा सदस्यों की सहायता से रक्षा उत्पादन विभाग के अंतर्गत सचिव रक्षा उत्पादन के दिशा निर्देशों के अनुसार कार्य करता है। ऑडनेंस फैक्ट्री बोर्ड की कार्यक्षमता में पड़ने वाले प्रभाव का कारण रक्षा उत्पादन विभाग तथा सचिव रक्षा उत्पादन दोनों हैं। इस स्थिति में यह समझ से परे है कि जवाबदेही, जवाबदारी, विश्वसनीयता के आधार पर ऑडनेंस फैक्ट्री बोर्ड को ही दोषी क्यों बनाया जा रहा है? यदि ऑर्डीनेंस फैक्ट्री बोर्ड का प्रदर्शन इतना ही खराब है तो अभी तक ऑर्डीनेंस फैक्ट्री बोर्ड के संरक्षको पर क्या कार्यवाही की गई? संरक्षकों की जवाबदेही तय किए बिना उन्हें पदोन्नति देकर गरिमा पूर्ण सेवानिवृत्ति प्रदान की जाती रही। ज्ञापन के अंत में फेडरेशन द्वारा स्थाई संसदीय समिति के समक्ष एक लाख करोड़ की शासकीय संपत्ति तथा 62000 एकड़ की बेशकीमती जमीन को निगमीकरण के रास्ते निजी हाथों में जाने से बचाने के लिए, राष्ट्रीय सुरक्षा की तैयारियों को पहुंचने वाले नुकसान को बचाने के लिए, ऑर्डीनेंस फैक्ट्रीयों के निगमीकरण के फैसले को वापस लेने कि सरकार को सलाह दी जाए । तीनों फेडरेशन अपना पक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर भी प्रस्तुत करना चाहती है

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