अधिकारियों के हाथ की कठपुतली बने नियम कानून

सतना । अधिकारियों के हाथ की कठपुतली बने नियम कानून काउंसलिंग कराई पर पांच साल बाद भी जारी नहीं किया पदाकन आदेश सतना . नियम कानून जिले मे पदस्थ अधिकारियों के हाथ की कठपुतली बन गये है।वे जब चाहे अपनी मर्जी से पात्र को अपात्र बना दे।जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों की यह मनमानी जिले के 10 शिक्षकों की पदोन्नति में रोडा बन गयीं है।जिला पंचायत सीईओ के आदेश क्रमांक3314/31.10.2015 के अनुसार जिले मे अध्यापक पदोन्नति के लिये काउंसलिंग 2/11/2015 को कराई गई थीं।इनमे से पात्र होने के बावजूद भी जिले के 10शिक्षको की पदोन्नति पदाकन आदेश 5 साल बीत जाने के बाद भी जारी नहीं किये गये।अधिकारियों की मनमानी का खामियाजा भुगत रहे.प्राथमिक शिक्षक गोविन्द गौतम ने बताया कि हमने इसके लिये कई बार कलेक्टर, सीईओ, डीईओ के सामने आवेदन प्रस्तुत किया लेकिन कोई कार्यवाही नही की गई। पीएमओ मे शिकायत पीडित शिक्षक गोविन्द प्रसाद गौतम का कहना है कि उन्होंने पदाकन के लिये पीएमओ मे 10 शिकायत दर्ज कराई लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नहीं।जिसमे उन्होंने उच्च अधिकारियों को निर्देशित कर न्याय पाने की गुहार लगाई है। सीएम हेल्पलाइन मे शिकायत 9323768 शिकायत दर्ज लेकिन जिला पंचायत सीईओ द्वारा कोई निराकरण नही किया गया है।। सूचना के अधिकार के तहत जानकारी प्रथम अपीलीय अधिकारी जिला पंचायत सीईओ के समक्ष प्रस्तुत आवेदन मे भी डीईओ सतना द्वारा कोई जानकारी नहीं प्रदान की जा रही हैं।और तारीख पर तारीख का खेल चालू है। .. अधिकार से वंचित शिक्षक 5 साल से पदाकन आदेश के लिए भटक रहे शिक्षक का कहना है कि उन्हें नियमों की अवहेलना कर परेशान किया जा रहा है।अधिकारियों की गलती के कारण हम अपने हक से वंचित है जो हमे 5 साल पहले मिल जाना चाहिए उसके लिए आज तक भटक रहे है।पीड़ित शिक्षक ने बताया कि भोपाल मे स्कूल शिक्षा विभाग ने धीरेन्द्र चतुर्वेदी की पदोन्नति की हैजिसमे शासन के महाधिवक्ता द्वारा जानकारी प्रदान की गई हैं कि सामान्य वर्ग की पदोन्नति की जा सकती हैं जिनका प्रकरण अप्रैल.2016 के पहले का है।( पीडित शिक्षक का कहना है कि हर जगह न्याय की गुहार लगाई लेकिन कही न्याय नहीं मिला।अधिकारियों की जिस काम की ड्यूटी है समय पर करना उसके लिए भी परेशान. किया जा रहा है।) *गोविन्द प्रसाद गौतम पीड़ित शिक्षक



