दमोह दर्पणमध्य प्रदेश

एमबीबीएस डिग्री से कम डिग्री वाले चिकित्सक बुखार-सर्दी-खांसी (कोरोना लक्षण) वाले मरीजों की जाँच नहीं करेंगे

आगामी आदेश तक रहेगी यह व्यवस्था

दमोह । जिले में आगामी आदेश तक के लिये बुखार-सर्दी-खांसी (कोरोना लक्षण संबंधी) के इलाज एमबीबीएस डिग्री से कम डिग्री रखने वाले निजी चिकित्सक नहीं करेंगे। बढ़ते कोरोना के प्रभाव पर नियंत्रण के उद्देश्य से यह निर्णय कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट तरूण राठी द्वारा लिया गया है। तथा इस हेतु आवश्यक कानूनी प्रावधान करते हुये धारा 144 के तहत आदेश जारी किया गया है। इसके साथ ही उनके द्वारा अपंजीकृत व अवैध चिकित्सकों की क्लीनिक अभियान के रूप में बंद करने हेतु निर्देशित किया गया है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया है कि रजिस्टर्ड मेडिकल प्रेक्टिशनर आगामी आदेश तक वे सर्दी- खांसी- बुखार या कोरोना लक्षण वाले मरीजों का इलाज नहीं करेंगे। उन्होंने कहा है कि वे अन्य प्रकार के मरीजों का इलाज कर सकते है। इस संबंध में जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी आदेश में कहा गया है बुखार-सर्दी-खांसी के मरीजों को जिला चिकित्सालय या फीवर क्लीनिक जाने की सलाह दी जाये। साथ ही जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में दवा विक्रेता सर्दी-खांसी-बुखार तथा कोरोना लक्षण संबंधी दवायें बिना किसी शासकीय डॉक्टर या न्यूनतम एमबीबीएस डिग्रीधारी निजी चिकित्सक की दवा पर्ची के बिना विक्रय नहीं कर सकेंगे। साथ ही यह भी कहा गया है कि दवा विक्रेता इन बीमारियों से संबंधित दवा लेने वाले व्यक्ति का नाम,पता, मोबाइल नंबर की जानकारी लेकर दवा का विक्रय कर सकेगा और ऐसी जानकारी की सूची प्रतिदिन औषधी निरीक्षक को देनी होगी।

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