खास खबरजबलपुर दर्पणप्रदेशमध्य प्रदेशराजनीति दर्पण

क्या जनता के रक्षकों के कोई अपने अधिकार नहीं है?


आखिर पुलिस को अपने शोषण के विरुद्ध,अधिकार क्यों नहीं?

जबलपुर। एक तरफ कर्मचारियों की कमी और दूसरी तरफ बढ़ती व्यवस्था का जिम्मेदारियां आम आदमी के जानमाल की सुरक्षा से लेकर वीआईपी लोगों की इच्छाओं तक का ख्याल रखने की जिम्मेदारी पुलिस विभाग पर होती है।
कहीं दंगा हो आग लगे कोई अपराध हो कोई रैली निकले कोई आन सभा हो चुनाव हो कोई सामाजिक उत्सव हो या राजनीतिक बिना पुलिस के किसी भी कार्यक्रम का सुचारू ढंग से हो पाना संभव नहीं है।
इन सबके बावजूद पुलिसकर्मियों पर काम का भारी दबाव रहता है 18 घंटे से लेकर 24 घंटे भी काम करना पड़ता है विषम परिस्थितियों में काम कर रहा हूं बढ़ जाता है।
इसके बावजूद पुलिसकर्मियों को तारीफ की बजाए ताने सुनने को मिलते हैं उनके अधिकारों के लिए कोई आवाज उठाने को तैयार नहीं।
पुलिस सेवा से जुड़े इन मुद्दों को अब एक सामाजिक संगठन द्वारा उठाया गया है जिसमें मुख्य रुप से पुलिस कर्मियों का ग्रेड पे उन्नीस सौ से 24 सौ करने की बात कही गई है साथ ही काम के घंटे भी तय करने और दूसरे विभागों की तरह इसमें भी पुलिसकर्मियों को छुट्टियां देने का प्रावधान की मांग की गई है।
आरक्षक से निरीक्षक रैंक तक शीघ्र प्रमोशन दिया जाए सरकार द्वारा रोका गया पुलिस कर्मियों के एरियर का भुगतान किया जाए आरक्षण को गृह जिले में पोस्टिंग दी जाए पुलिसकर्मियों से 8 घंटे ही काम लिया जाए और महीने में 4 दिन का अवकाश दिया जाए पुलिस थानों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए आवास की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए इन तमाम बातों को लेकर इमरान खान, यासर मंसूरी, ताज उस्मानी, रवि कश्यप, अता वारिस, फारुख पठान, मोहम्मद आबिद अंसारी,रसू भाई, अरुण भाई ने मिलकर आज एसडीएम दीपाश्री गुप्ता को एक ज्ञापन सौंपा और मांग को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आग्रह किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page