विधायक ने किया मंडी का औचक निरीक्षण

खुद खड़े रहकर किसानों को करवाया खाद वितरण
मण्डला। जिले में किसानों को खाद न मिलना रोज की समस्या बन गई है। खाद की उपलब्धता होने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी किसानों को खाद देने में हीलाहवाली कर रहे हैं। बिछिया में दो दिन पहले ही किसानों ने खाद न मिलने की समस्या को लेकर हंगामा किया था लेकिन उसके बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ। सोमवार को किसानों ने इस समस्या से बिछिया विधायक नारायण सिंह को अवगत कराया। विधायक श्री पट्टा ने किसानों की समस्या सुनते ही तत्काल बिछिया मंडी पहुंचकर अधिकारियों को बुलवाया और किसानों के सामने ही अधिकारियों से खाद को लेकर सवाल जबाब किये। इस सारी बातचीत में बिचौलियों की भूमिका सामने आती देख तत्काल खाद उपलब्धता की बात स्वीकारी गई और किसानों को खाद देने पर सहमति बनी। विधायक श्री पट्टा ने सामने खड़े रहकर किसानों को खाद का वितरण करवाया। किसानों की इस समस्या का त्वरित निराकरण करवाने के लिए विधायक श्री पट्टा का किसानों ने आभार किया और इसी तरह किसान हित में साथ देते रहने की अपील की। इस दौरान बिछिया तहसीलदार कमल सिंगसार, बिछिया मंडी के अधिकारी कर्मचारी सहित ब्लॉक कांग्रेस बिछिया के अध्यक्ष प्रदीप गोस्वामी, टेकराम राय, झब्बू भाईजान, टोनी मिश्रा, भोला यादव सहित सैकड़ों की संख्या में किसान उपस्थित रहे।
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केंद्रीय राज्य मंत्री प्रहलाद पटेल ने क्षेत्रवासियों से की अपील
दमोह – जिले में लगातार कोरोना संक्रमण के केस सामने आ रहे हैं। जिस कारण लोगों में डर बना हुआ है। वही बड़ी संख्या में लोग लापरवाही भी कर रहे हैं। जिस कारण संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ता जा रहा है। कुछ लोग जांच कराने को लेकर डरे हुए हैं और निजी तौर पर इलाज कर समस्या खड़ी कर रहे हैं। इन्ही समस्याओं और शंकाओं को देखते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री प्रहलाद पटेल ने दमोह प्रवास के दौरान जनता से अपील की है कि वे डरे नहीं, इलाज के लिए सामने आए। केंद्रीय राज्य मंत्री श्री पटेल ने जनता से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को कोरोना से जुड़े लक्षण दिखाई देते हैं, तो वह तत्काल ही जिला चिकित्सालय जाकर अपनी जांच कराएं और डॉक्टर की सलाह माने। उन्होंने कहा कि उन्हें सुनने में मिला है कि काफी लोग जांच कराने व इलाज के लेकर डरे हुए हैं और वह घर पर ही अपना इलाज करने लगते हैं, जिससे बाद में समस्या पैदा हो रही है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही संसद सत्र शुरू होने वाला है और संसद में शामिल होने वाले सभी सांसदों, सदन के कर्मचारियों के अलावा, सांसद के स्टाफ और उनके स्वजनों को अपनी कोरोना जांच कराना अनिवार्य किया गया है। तभी सांसद सदन में शामिल हो सकता है, जब सांसदों के लिए यह नियम है, तो फिर किसी को भी जांच कराने को लेकर संदेह नहीं करना चाहिए। केंद्रीय राज्यमंत्री पटेल ने कहा है कि इस संक्रमण से डरने की जरूरत नहीं है। केवल सतर्कता जरूरी है और यदि आपको संक्रमण से जुड़े लक्षण समझ आते हैं, तो बिना डरे अपनी जांच कराने पहुंचे, ताकि समय रहते उस संक्रमण को समाप्त कर, आपको स्वस्थ किया जा सके।



