संपादकीय/लेख/आलेख

बॉलीवुड का काला सच उजागर कर रहीं कंगना हो रहीं राजनीति का शिकार

रंजना मिश्रा कानपुर

सुशांत की मौत के बाद जो राजनीति शुरू हुई, कंगना रनौत उसकी एक मुख्य किरदार हैं। कंगना रनौत ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र सरकार पर सुशांत राजपूत के दोषियों को बचाने का लगातार आरोप लगाया था। जिससे चिढ़कर शिवसेना के नेताओं ने पहले तो उनके खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग कर बयानबाजी की। उसके बाद बीएमसी ने बुलडोजर से कंगना के ऑफिस में तोड़फोड़ की, यह बताते हुए कि इसका निर्माण अवैध है। बीएमसी ने इस मामले में इतनी फुर्ती दिखाई कि इसका नोटिस एक दिन पहले ही भेजा था और दूसरे ही दिन उसे तोड़ना शुरू कर दिया गया। बॉम्बे हाई कोर्ट में अपील करने पर बीएमसी की कार्यवाही पर रोक लगा दी गई। किंतु तब तक बीएमसी उनके ऑफिस में काफी तोड़फोड़ कर चुकी थी। यही बीएमसी अन्य मामलों में इतनी फुर्ती कभी नहीं दिखाती, जिनमें दिखानी चाहिए। बरसात होने पर मुंबई की सड़कें पानी से भर जाती हैं और आवागमन अवरुद्ध हो जाता है किंतु नालियों की सफाई आदि की जिम्मेदारी बीएमसी कभी इतनी तत्परता से नहीं करती। मुंबई में न जाने कितने निर्माण अवैध बने हैं किंतु उनकी ओर भी बीएमसी का ध्यान कभी नहीं जाता, तो ये कार्यवाही क्या बदले की भावना से की गई कार्यवाही नहीं कही जाएगा अपने इस मणिकर्णिका नाम के ऑफिस में तोड़फोड़ होने से क्षुब्ध होकर कंगना ने ट्वीट करके महाराष्ट्र सरकार की तुलना बाबर से की है और कहा है कि बाबर ने राम मंदिर तोड़ा था, लेकिन इतिहास खुद को दोहराएगा और राम मंदिर फिर से बनकर रहेगा। एक वीडियो में कंगना ने उद्धव ठाकरे को संबोधित करते हुए कहा कि, ‘आज मेरा घर टूटा है, कल तेरा घमंड टूटेगा।’
कंगना एक के बाद एक बॉलीवुड को लेकर खुलासे कर रही हैं। देश के बड़े-बड़े मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रख रही हैं। उससे बॉलीवुड कंगना रनौत से डर चुका है।
नेपोटिज्म को लेकर, ड्रग्स रैकेट को लेकर और बॉलीवुड की अंधेरी दुनिया को लेकर कंगना ने अनेकों सवाल उठाए हैं और कहा है कि इसके तार दूर-दूर तक जुड़े हैं और जो लोग भी इसमें शामिल हैं, उनके नाम सामने आने चाहिए। किंतु अब महाराष्ट्र सरकार ने ड्रग्स को लेकर कंगना पर ही आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ जांच के आदेश दे दिए हैं।
कंगना के अनुसार बॉलीवुड के लगभग 99% स्टार्स ड्रग्स लेते हैं। उन्होंने अपने लिए भी स्वीकार किया है कि कैरियर की शुरुआत के वक्त उनको भी ड्रग्स के दलदल में घसीटा गया था और वह खुद भी ड्रग्स की आदी हो गई थीं, किंतु उन्होंने स्वयं को संभाला और दोबारा अपनी जिंदगी को ट्रैक पर लाईं, अपनी बॉडी पर ध्यान दिया और अपने काम पर ध्यान दिया। आउटसाइडर होते हुए भी उन्होंने अपने टर्म एंड कंडीशन पर फिल्म इंडस्ट्री में जगह बनाई। शिवसेना के नेताओं और महाराष्ट्र सरकार द्वारा डराए धमकाए जाने के बावजूद भी, कंगना ने मुंबई पहुंच कर अपने असीम साहस का परिचय दिया। वहां करणी सेना ने उनका जोरदार स्वागत किया और इस लड़ाई को महिलाओं के सम्मान की लड़ाई बताया।
हिमाचल प्रदेश की इस लड़की के माता-पिता उसे डॉक्टर बनाना चाहते थे। लेकिन कंगना मॉडलिंग करने के लिए मुंबई आ गईं। 2006 में उनकी पहली फिल्म ‘गैंगस्टर’ रिलीज हुई। उसके बाद वह सफल होती चली गईं।कंगना कॉफी के ऐड के लिए ऑडिशन देने गई थीं। वहां तीन-चार लड़कियां गैंगस्टर के ऑडिशन के लिए जा रही थीं। बातचीत होने पर कंगना भी उनके साथ ऑडिशन के लिए चली गईं। अनुराग बासु ने ऑडिशन के दौरान उनसे उनकी उम्र पूछी और कम उम्र होने के कारण उस रोल के लिए कंगना को लेने में अरुचि दिखाई और कहा कि उन्हें बड़े उम्र की लड़की चाहिए, जो मां का रोल कर सके। एक-दो महीने बाद अनुराग बासु ने कंगना से फोन करके कहा कि अगर वह एक हफ्ते में अपना पासपोर्ट बनवा लें तो वह उस रोल के लिए कंगना को ले लेंगे। क्योंकि उस रोल के लिए चुनी गई एक्ट्रेस चित्रांगदा सिंह का फोन अचानक बंद हो गया था। इस प्रकार कंगना को गैंगस्टर मिल गई। गैंगस्टर के बाद कंगना ने एक से बढ़कर एक फिल्में कीं और करोड़ों रुपए कमाए। कंगना एक फिल्म प्रोड्यूसर हैं, वह ऐड फिल्में भी करती हैं और उनसे भी करोड़ों रुपए कमाती हैं। कंगया ने फिल्म इंडस्ट्री में सिर्फ 14-15 वर्षों में ही खूब इज्जत, दौलत और शोहरत कमाई है। वह आज बॉलीवुड की क्वीन कहलाती हैं।
मनाली में कंगना की बहुत सी प्रॉपर्टी है और मुंबई के पार्स इलाके में उनका ऑफिस करीब ₹ 48करोड़ में बना है, इसका नाम मणिकर्णिका है। इसी ऑफिस पर बीएमसी ने बुलडोजर चलाकर तोड़फोड़ की है।
कंगना इस मायानगरी फिल्म इंडस्ट्री में अपने पैर तो जमा ही चुकी हैं साथ-साथ वह देशभर के विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर अपनी बेबाक टिप्पणी के लिए पहचानी जाती हैं।

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