ब्राह्मण कल्याण बोर्ड के गठन की उठी मांग।

विश्व ब्राह्मण परिषद ने उठाई मांग।
जबलपुर। सनातन संस्कृति ब्राह्मण वर्ग का बड़ा महत्व है। अगर कार्य विभाजन की बात करें तो सनातन परंपरा में वर्ण व्यवस्था के अंतर्गत ब्राह्मण वर्ग सभी लोगों को समाज में, धर्म ज्ञान और शिक्षा का प्रचार प्रसार उसी भाव से करता था। जिस भाव से सूर्य सब को प्रकाश देता है और इसके बदले में ब्रह्मणों को केवल 5 घर भिक्षा मांग कर अपना जीवन यापन करने की व्यवस्था थी। साथ ही गुरुकुल की पुरातन व्यवस्था थी। इस व्यवस्था के अंतर्गत सभी समाज के विद्यार्थियों को उसी तरह शिक्षा प्रदान की जाती थी। जिस तरह भगवान सूर्य का प्रकाश सबके लिए समान रूप से उपलब्ध रहता है।
लेकिन समय के साथ सामाजिक व्यवस्थाओं और मानवता के आदर्शों के प्रति लोगों की निष्ठा और भाव में जो कमी आई है। उसके चलते मनुष्य धर्म आचरण से पतित हो गया है। यही वजह है कि आज शासक और जनता के बीच निरंतर खींचतान मची रहती है और इस खींचतान में मजबूर और गरीब लोग अक्सर पिसते हैं। ब्राह्मण वर्ग भी बड़ी संख्या में मजबूर और गरीब लोगों की श्रेणी में आता है।
आज आवश्यकता है उसके साथ हो रहे भेदभाव और दुर्भाव को खत्म करने की।
इन्हीं भावों को व्यक्त करते हुए विश्व ब्राम्हण परिषद ने, सरकार के सामने अपने कुछ मांगे प्रस्तुत की है। जिनमें ब्राह्मण कल्याण बोर्ड की गठन किया जाए। कर्मकांड और पूजन पाठ करवाने वाले पुजारी ब्राह्मणों को संबल योजना का लाभ दिया जाए। एसटीएससी और आरक्षण के मामले में कोर्ट के फैसले को लागू किया जाए। मंदिरों की जमीन को नीलामी से रोका जाए प्रत्येक जिले में भगवान परशुराम का मंदिर बनवाया जाए। गौ माता की सुरक्षा की जाय। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रदेश अध्यक्ष अनूप चैतन्य पगला जगन्नाथ महाराज, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रशासनिक डॉक्टर शिवराम पी तिवारी, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी आशीष कुमार शुक्ला, प्रदेश उपाध्यक्ष शरद पाठक, मध्य प्रदेश प्रभारी पंडित सुनील तिवारी, मध्य प्रदेश सचिव अमर पांडे, प्रदेश प्रवक्ता आनंद शास्त्री, प्रदेश महामंत्री जितेंद्र दुबे शास्त्री जी महाराज, प्रदेश महिला अध्यक्ष लता शर्मा, नेहा चौबे, वर्षा झा, देवेंद्र पांडे, जिला उपाध्यक्ष राकेश दुबे, अंबिका दुबे, अनिल दुबे, आशीष तिवारी, समस्त विश्व ब्राह्मण परिषद की मौजूदगी रही।



