नगर निगम वार्ड आरक्षण को लेकर विरोध के स्वर।

विपक्ष को नियमावली उपलब्ध नहीं कराई गई: टीकाराम कोस्टा।
जबलपुर। नगर निगम चुनाव का बिगुल बजने के इंतजार में शहर के सभी राजनेता और राजनीतिक दल शतरंज की बिसात पर अपने अपने मोहरे बिठाने की कोशिशों में थे। किि शासन ने अपने घोड़े को ढा़ई घर चला दिया।
अब चाल विपक्ष के हाथ में है, यह देखना दिलचस्प होगा कि वह शासन की ढाई चाल का क्या जवाब देते हैं।
कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता, टीकाराम कोस्टा ने बताया कि आज मानस भवन में,शासन द्वारा, नगर निगम में वाड़ों को लेकर आरक्षण की प्रक्रिया के विषय में जानकारी दी गई है। पहले से सामान्य वार्ड को सामान्य महिला वार्ड में बदल दिया गया। लेकिन इन तमाम प्रक्रियाओं के दौरान शासन ने विपक्ष को समय पर किसी भी तरह की नियमावली उपलब्ध नहीं कराई। जिससे विपक्ष को यह जानकारी नहीं मिल पाएगी कि किन नियमों के आधार पर आरक्षण में परिवर्तन होने वाला है।
इसकी वजह से किसी भी तरह की आपत्ति दर्ज नहीं हो पाई। यह कहना है। कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता टीकाराम कोस्टा का।
यदि शासन ने आरक्षण में बदलाव से संबंध किसी नियमावली की जानकारी पहले विपक्ष को उपलब्ध कराई थी होती। तो इस संबंध में विपक्ष अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकता था। लेकिन विपक्ष को आपत्तियां दर्ज कराने का मौका नहीं मिला। क्योंकि उन्हें नियमों की जानकारी ही नहीं थी। ऐसा पहली बार हुआ है इसके पहले के चुनावों में विपक्ष को आरक्षण के संबंध नियमावली उपलब्ध कराई जाती थी।
कुल मिलाकर आसान नहीं डगर पनघट की वाली कहावत चरितार्थ होती है। महापौर की कुर्सी और नगर निगम का शासन किस पार्टी के हाथ में होगा यह तो चुनावों के बाद पता लगेगा। परंतु चुनाव की तैयारियां और चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं।



