वैटनरी डॉक्टर कर रहे थे एलोपैथिक का इलाज ,पहुँच गये जेल – खण्डवा जिले के कालमुखी का मामला

खण्डवाा। जिले की न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी खण्डवा श्रीमती सपना पटवा के द्वारा पुलिस थाना धनगांव के अपराध में आरोपी तपन विश्वास पिता अनिल विश्वास उम्र 45 वर्ष रहवासी ग्राम कालमूखी जिला खण्डवा को म.प्र.आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम की धारा 21 के उल्लधन में धारा 24 के अधीन में 1 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 3000 रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। अभियोजन की ओर प्रकरण का संचालन हरिप्रसाद बांके सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी द्वारा किया गया। अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी मोहम्मद जाहिद खान एडीपीओ द्वारा बताया गया कि दिनांक 26.03.2014 को बी.एम.ओ. डॉ . अरविन्द खोदरे जो प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र जावर में चिकित्सा अधिकारी के पद पर पदस्थ थे. उन्हें मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी खण्डवा से आरोपी की शिकायत की जांच एवं कार्यवाही हेतु पत्र प्राप्त हुआ था जिसके पालन में वे ग्राम कालमूखी में जिला स्वास्थ्य अधिकारी, ए.एस.ओ. जिला अस्पताल खण्डवा के साथ अजय मेडिकल स्टोर पर पहूँचे। उक्त मेडिकल स्टोर पर आरोपी तपन विश्वास अनाधिकृत रूप से मरीजो का ईलाज करते पाये गये । वहीं आरोपी तपन विश्वास के कब्जे से एलोपैथी चिकित्सा पद्धति से उपचार की दवाईया और इंजेक्शन साथ में मिले पायेगये और आरोपी तपन विश्वास के पास एलोपैथीक चिकित्सा पद्धति से उपचार करने के संबंध में शैक्षणिक अभिलेख नहीं मिले। आरोपी तपन विश्वास बिना वैध डिग्री के उपचार करते हुये मिले। आरोपी तपन विश्वास के कब्जे से डॉक्टर अरविन्द खोदरे ने ऐलोपैथीक दवाईया जप्त की तथा पुलिस थाना धनगांव को डॉक्टर अरविन्द खोदरे ने आरोपी तपन विश्वास के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीबद्ध कराने के लिए एक लेखी आवेदन दिया । इसके आधार पर प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध की गई । पुलिस ने अनुसंधान पूर्ण कर अभियोजन पत्र न्यायालय समक्ष प्रस्तुत किया गया ।
मनीष श्रीवास रिपोर्टर



