मंत्री जी के गृह जिले के इस गांव में बसती है बापू की आत्मा

आश्वासन पर टिकी चरखा वाले 50 परिवारों की जिंदगी
सतना।रामनगर में आजादी व स्वावलंबन का प्रतीक बापू का चरखा अब संग्रहालयों की शोभा बन चुका है।लेकिन, रामनगर में एक ऐसा गांव भी है जहां चरखे के रूप में आज भी हर घर में बापू की आत्मा बसती है।रामनगर से 30 किमी. दूर में बसे सुलखमां गांव के 50 परिवार आज भी रोजी-रोटी के लिए चरखा की कमाई पर आश्रित हैगांव में चरखे से सूत कातकर कम्बल व दरी बनाने का कार्य तीन पीढि़यों से अनवरत चला आ रहा है।अब चौथी पीढ़ी भी गांधी के आदर्शों को अपनाते हुए चरखे से सूत कातकर कंबल बनाने में जुट चुकी है। सुबह हो या शाम, इस गांव के हर घर में चरखा चलता मिल जाएगा।कुटीर उद्योग को नही मिली सरकारी मदद हालांकि सरकार वप्रशासन की ओर से इस कुटीर उद्योग को किसी प्रकार की मदद व प्रोत्साहन न मिलने से 100 साल से इस कारोबार से जुड़ा पाल परिवार निराश है।50 साल से चरखा चलाकर सूत कात रहे दद्दू पाल ने बताया कि अब प्लास्टिक की चटाई के दौर में चरखे के सूत से बने कम्बल खरीदने में लोगों की रुचि नहीं रही। इसलिए अब इतनी आय नहीं हो पाती कि परिवार चल सके।फिर भी जब तक जिंदा हैं, गांव में बापू का चरखा थमने वाला नहीं।सहयोग के नाम पर आश्वासनसुरेश पाल बताते हैं, शायद सुलखमां सतना जिले का इकलौता गांव है जहां आज भी 50 से अधिक परिवार चरखा चलाकर अपना भरण पोषण कर रहे हैं।गांधी जयंती पर जनप्रतिनिधि व सरकार गांधीजी के आदर्शों पर चलने का ढोंग पीटते हैं, गांधी संकल्प यात्रा में लाखों रुपए बर्बाद करते हैं।पर दुर्भाग्य यह है कि चार पीढ़ी से बापू के आदर्शों पर चलने वाले हमारे गांंव के लिए सरकार ने कुछ भी नहीं किया। चुनाव के समय गांव में हथकरघा उद्योग लगाने व सूत उद्योग से जुडे़ परिवारों को प्रोत्साहन राशि देने के वादे किए जाते हैंलेकिन मदद के नाम पर 50 साल से सिर्फ आश्वासन ही मिल रहे हैं।हर साल 2 अक्टूबर सुर्ख़ियों में रहने वाला सुलखमा गांव आज भी हर समय सब कुछ धुंधला हो रहा है ऐसा ही एक वादा सतना कलेक्टर डॉक्टर सत्येंद्र सिंह ने किया था
गांव वाले बताते हैं कि कलेक्टर साहब आए थे और उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक चरखा देने की बात कही थी जो आज तक नहीं मिल सका तमाम वादे होते रहते हैं और हम लोग आज भी लकड़ी का ही चरखा चला रहे हैं बता दें कि यह क्षेत्र
मध्य प्रदेश शासन के राज्यमंत्री रामखेलावन पटेल की ग्रह विधानसभा है अब यहां के लोगों को मंत्री जी से उम्मीद है कि सरकारी मदद अवश्य दिलाई जाएगी।



